हिंदी

गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’।

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

छात्र स्वयं करें।

shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - योग्यता विस्तार [पृष्ठ १२५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
योग्यता विस्तार | Q 1 | पृष्ठ १२५

संबंधित प्रश्न

प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट किसे कहते हैं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
'शुद्ध सोने में ताबे की मिलावट या ताँबें में सोना', गाँधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए? आप इन कारणों से कहाँ तक सहमत हैं?


पाठ में वर्णित ‘टी-सेरेमनी’ का शब्द चित्र प्रस्तुत कीजिए।


भारत के नक्शे पर वे स्थान अंकित कीजिए जहाँ चाय की पैदावार होती है। इन स्थानों से संबंधित भौगोलिक स्थितियों और अलग-अलग जगह की चाय की क्या विशेषताएँ हैं, इनका पता लगाइए और परियोजना पुस्तिका में लिखिए।


शुद्ध सोने का उपयोग कम किया जाता है, क्यों?


गांधी जी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे। स्पष्ट कीजिए।


व्यवहारवादी लोगों की क्या विशेषताएँ हैं?


समाज के उत्थान में आदर्शवादियों का योगदान स्पष्ट कीजिए।


‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?


‘टी-सेरेमनी’ की चाय का लेखक पर क्या असर हुआ?


‘जीना इसी का नाम है’ लेखक ने ऐसा किस स्थिति को कहा है?


भारत में भी लोगों की जिंदगी की गतिशीलता में खूब वृद्धि हुई है। इसके कारण और परिणाम का उल्लेख ‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर कीजिए।


‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?


‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पर्णकुटी में चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या-क्या परिवर्तन महसूस किए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×