Advertisements
Advertisements
प्रश्न
गद्य खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
बिस्मिल्ला खाँ के जीवन में रसूलनबाई और बतूलनबाई का क्या महत्त्व है?
उत्तर
लगभग 4 वर्ष की उम्र में बिस्मिल्ला खाँ बालाजी मंदिर नौबतखाने रियाज के लिए जाते थे। मंदिर जाने का एक रास्ता बतूलनबाई और रसूलनबाई के यहाँ से होकर जाता था। उनका गाना सुनकर बिस्मिल्ला खाँ को बहुत खुशी मिलती थी। बिस्मिल्ला खाँ के जीवन में रसूलनबाई और बतूलनबाई का महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि इन दोनों का उनके शास्त्रीय संगीत के विकास में गहरा प्रभाव था।
-
रसूलनबाई: वह एक प्रसिद्ध गायिका थीं और बनारस के संगीत परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। बिस्मिल्ला खाँ उनके गायन से अत्यधिक प्रभावित थे। उन्होंने उनके संगीत से शास्त्रीय संगीत की बारीकियाँ और खासियतें सीखीं। रसूलनबाई की गायकी ने बिस्मिल्ला खाँ को संगीत की सूक्ष्मताओं को समझने और उनके सुर-ताल की गहराइयों को महसूस करने में मदद की।
-
बतूलनबाई: बिस्मिल्ला खाँ की करीबी मानी जाती थीं, और उनके साथ संगीत संबंधी चर्चा और परामर्श होते थे। उनके साथ समय बिताने से बिस्मिल्ला खाँ को संगीत के प्रति और अधिक समर्पण और अनुशासन की प्रेरणा मिली।