Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ग्रामीण समस्याओं पर ब्लॉग लेखन कीजिए।
उत्तर
भारत की ७० प्रतिशत आबादी आज भी गाँवों में रहती है। अतः ग्रामीण क्षेत्रों की हालत ही हमारे देश का वास्तविक प्रतिबिम्ब है। भारतवर्ष उस गति से तरक्की नहीं कर पा रहा, जिस गति से उसे करनी चाहिए।
भारत के गाँवों में विभिन्न समस्याएँ:
गरीबी: १३० करोड़ लोगों के देश में लगभग ४० करोड़ लोग आज भी गरीबी रेखा के नीचे रह रहे हैं। और यह आबादी अधिकांश रूप से गाँवों में ही हैं। छोटे किसान हमेशा कर्ज से लदे रहते हैं। वे बड़े किसानों पर निर्भर रहते है। अंततः बड़े जमींदार छोटे किसानों की जमीनें हड़प लेते हैं। आबादी में वृद्धि के कारण जमीनों का बँटवारा होता जा रहा है। अतः जमीन-जायदाद के टुकड़े हो जाते हैं। छोटे टुकड़े फलदायी नहीं रहते और उनके मालिक कृषि करके घाटा उठाते हैं। जिसके कारण हालात दिनोंदिन बदतर होते जा रहे हैं।
बेरोजगारी: ग्रामीण इलाकों में रोजगार का अभाव होने से युवाओं को चिंता में देखा जा सकता है। खेतों में अन्न और सब्जियाँ उगाने का एक निश्चित चक्र है। बीज बोकर, सिंचाई करके फसलों को उगने के लिए छोड़ दिया जाता है। ऐसे समय पर न तो किसान के पास कोई काम होता है, न ही वह अपनी फसलों को छोड़कर कहीं और काम करने जा सकता है। अत: आंशिक बेरोजगारी कृषक जीवन का अभिन्न अंग बन गई है।
सूखा और बाढ़: जो लोग गाँवों में रहकर खून पसीना एक करते हैं, उन पर प्राकृतिक आपदाएँ कहर ढाया करती हैं। बाढ़, सूखा, तूफानी हवाएँ ऐसी अनेक परेशानियाँ हैं, जिन पर मनुष्य का कोई वश नहीं है। कभी सूखे के कारण फसलें नष्ट हो जाती हैं। ग्रामीण भारत में इन समस्याओं के कारण परेशानी बढ़ रही हैं।
शिक्षा का अभाव: शिक्षा की कमी ग्रामीण क्षेत्रों की एक बड़ी समस्या है। लोग शिक्षा को जरूरी नहीं मानते, जिससे वे गरीबी के दुष्चक्र से बाहर नहीं निकल पाते। शिक्षा के अभाव में वे खुद और अपने बच्चों को आगे बढ़ने के अवसरों से वंचित कर देते हैं, जिससे उनका मानसिक और सामाजिक विकास प्रभावित होता है।
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: गाँवों में स्वास्थ्य सुविधाएँ बेहद कमजोर हैं। डॉक्टर ग्रामीण इलाकों में काम करना नहीं चाहते, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएँ असंतोषजनक हैं। ग्रामीण लोग महँगे इलाज का खर्च वहन नहीं कर सकते, गाँवों में अकुशल डॉक्टरों और दाइयों का काम तेजी से बढ़ रहा है।
इन समस्याओं के कारण ग्रामीण भारत की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और इसे सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ब्लॉग लेखन सेतात्पर्य ।
ब्लॉग प्रारंभ करने की प्रक्रिया ।
निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
ब्लॉग लेखन में बरतनी जानेवाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।
अपने शहर की विशेषताओं पर ब्लॉग लेखन कीजिए।
विपुल पठन, ______ तथा भाषा का समुचित ज्ञान होना आवश्यक है।
भारत में ______ के बाद ‘ब्लॉग लेखन’ आरंभ हुआ।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
'ब्लॉग' अपना विचार, अपना मत व्यक्त करने का एक डिजिटल माध्यम है। ब्लॉग के माध्यम से हमें जो कहना है; उसके लिए, 'किसी कीं अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती। ब्लॉग लेखन में शब्दसंख्या का बंधन नहीं होता। अत: हम अपनी बात को विस्तार से रख सकते हैं। ब्लॉग, वेबसाइट, पोर्टल आदि डिजिटल माध्यम हैं। अखबार पत्रिका या पुस्तक हाथ में लेकर पढ़ने की बजाय उसे कम्प्यूटर, टैब या सेलफोन से परदे पर पढ़ना डिजिटल माध्यम कहलाता है। इस प्रकार का वाचन करने वाली पीढ़ी इंटरनेट के महाजाल के कारण निर्माण हुई है। इसके कारण लेखक और पत्रकार भी ग्लोबल हो गए हैं। नवीन वाचकों की संख्या मुद्रित माध्यम के वाचकों से बहुत अधिक हैं। इस वर्ग में युवा वर्ग अधिक संख्या में है। दुनिया की कोई भी जानकारी एक क्षण में ही परदें पर उपलब्ध हो जाती है। ब्लॉग की खोज: ब्लॉग की खोज के संदर्भ में निश्चित रूप से कोई डॉक्युमेंटेशन उपलब्ध नहीं है पर जो जानकारी उपलब्ध हैं। उनके अनुसार जस्टीन हॉल ने सन 1994 में सबसे पहले इस शब्द का प्रयोग किया। जॉन बर्गर ने इसके लिए वेब्लॉग (Weblog) शब्द का प्रयोग किया था। माना जाता है कि सन 1999 में पीटर मेरहोल्स ने 'ब्लॉग' शब्द को प्रस्थापित कर उसे व्यवहार में लाया। भारत में 2002 के बाद 'ब्लॉग लेखन' आरंभ हुआ और देखते - देखते यह माध्यम लोकप्रिय हुआ तथा इसे अभिव्यक्ति के नये माध्यम के रूप में मान्यता भी प्राप्त हुई। |
१. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए: (2)
- ब्लॉग क्या है?
- डिजिटल माध्यम के उदाहरण बताइए?
- ब्लॉग की खोज के संदर्भ में लेखक नें क्या कहा हैं?
- सन 1999 में कौन 'ब्लॉग' शब्द कौ प्रस्थापित कर उसे व्यवहार में लाया?
२. निम्नलिखित शब्दों के कृदंत बनाकर लिखिए: (2)
- लगना
- बैठना
- कहना
- छाजना
३. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए: (2)
ब्लॉग लेखन से तात्पर्य क्या है?
भारत में ब्लॉग लेखन आरंभ हुआ:
ब्लॉग लेखन से यह लाभ भी होता है।
ब्लॉग लेखन में सामाजिक स्वास्थ्य का विचार हो जो ______ न हों।
______ लेखन में शब्दसंख्या का बंधन नहीं होता।
जॉन बर्गर ने ब्लॉग के लिए ______ शब्द का प्रयोग किया था।