Advertisements
Advertisements
प्रश्न
घर से अलग होकर आप घर को किस तरह से याद करते हैं? लिखें।
उत्तर
घर हमारे लिए स्वर्ग-सा सुखकर और सबसे आत्मीय स्थान होता है। घर से दूर रहकर भी हमारा मन पल-पल घर के विषय में ही कल्पनाएँ करता रहता है। घर का सुख, घर के भोजन का स्वाद तक हमें याद रहता है। संसार के किसी भी कोने में हम नए-नए पकवानों की तुलना भी अपने घर के खाने से करते रहते हैं। विदेश जाकर अपने त्योहार, संस्कार-पूजा के तरीके, घर की धूप-छाँव, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी सब को याद करते हैं। उसे जीवन का सहारा, शरण-स्थली मानते हैं। माँ के हाथों का बना खाना, पिता की प्यार-भरी डाँट, दादी का दुलार, भाई-बहनों का प्यार ये सब याद आता है। घर में प्रियजनों के साथ बिताए गए हर क्षण याद आते हैं और हम उनका हाल-चाल जानने के लिए बेसब्र रहते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पानी के रात भर गिरने और प्राण-मन के घिरने में परस्पर क्या संबंध है?
मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को परिताप का घर क्यों कहा है?
पिता के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं को उकेरा गया है?
निम्नलिखित पंक्तियों में बस शब्द के प्रयोग की विशेषता बताइए –
मैं मजे में हूँ सही है
घर नहीं हूँ बस यही है
किंतु यह बस बड़ा बस है,
इसी बस से सब विरस है'
कविता की अंतिम 12 पंक्तियों को पढ़कर कल्पना कीजिए कि कवि अपनी किस स्थिति व मन:स्थिति को अपने परिजनों से छिपाना चाहता है?
ऐसी पाँच रचनाओं का संकलन कीजिए जिसमें प्रकृति के उपादानों की कल्पना संदेशवाहक के रूप में की गई है।