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हानि की अवसाद की व्याख्या अल्फ्रेड एडलर की व्याख्या से किस प्रकार भिन्न है? - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

हानि की अवसाद की व्याख्या अल्फ्रेड एडलर की व्याख्या से किस प्रकार भिन्न है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

एडलर के सिद्धांत को व्यष्टि या व्यक्तिक मनोविज्ञान के रूप में जाना जाता है उनके आधारभूत अभी गृह यह है की व्यक्ति का व्यवहार उद्द्देश्य पूर्ण होता है हम में से प्रत्येक में चयन करने एव सर्जन करने की क्षमता होती है हमारे व्यक्तिगत लक्ष्य ही हमारी अभिप्रेरणा के श्रोत होते है जो लक्ष्य हमें सुरक्षा प्रदान करती है और हमारी पर्याप्तता की भावना पर विजय प्राप्त करने में हमारी सहायता करते है वह हमारे व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है एडलर के विचार से प्रत्येक व्यक्तित्व पर्याप्तता और अपराध की भावनाओ से ग्रसित होता है इसे हम हीनता मनोग्रंथ के नाम से जानते है जो बाल्यावस्था में उतपन्न होता है इस मनोवृत्ति पर विजय प्राप्त करना इष्टतम व्यक्तित्व विकास के लिए आवशयक है

वही करें हानि जो की फ्राइड की एक अन्य अनुयायी थी, जिन्होंने फ्राइड के आधरभूत सिद्धन्तो से भिन्न एक सिद्धंत विकसित किया उन्होंने मानव समृद्धि और आत्मसिदधि पर बल देते हुए मानव जीवन के एक आशीवादी दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया

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व्यक्तित्व का मूल्यांकन
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अध्याय 2: आत्म एवं व्यक्तित्व - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ ५२]

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एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 12
अध्याय 2 आत्म एवं व्यक्तित्व
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 6. | पृष्ठ ५२
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