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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

हिमोढ़ के प्रकार कौन-से हैं ? - Geography [भूगोल]

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प्रश्न

हिमोढ़ के प्रकार कौन-से हैं ?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

जमाव के स्थान के आधार पर हिमोढ़ को 4 प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:

  1. भू-हिमोढ़: यदि ग्लेशियर के निचले हिस्से पर भारी मात्रा में मलबा आवेशित है जिसे वह परिवहन नहीं कर सकता है, तो अतिरिक्त भार जमीनी हिमोढ़ के रूप में जमा हो जाता है। इसमें घाटी के तल पर हिमनदों के बहाव की अनियमित चादर होती है।
  2. पार्श्व हिमोढ़: घाटी के ग्लेशियर के प्रत्येक किनारे पर पार्श्वीय हिमोढ़ बनते हैं। यह किसी ग्लेशियर के किनारे या घाटी के किनारे स्थित हिमनद भार की एक चोटी है जिस पर पहले ग्लेशियर का कब्जा था।
  3. मध्य हिमोढ़: जब दो ग्लेशियर एक साथ बहते हैं, तो वे एकजुट नहीं होते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि इन ग्लेशियरों के दो पार्श्व मोरेन आपस में जुड़ जाते हैं, जिससे एक औसत दर्जे का मोरेन बनता है।
  4. अंत्य हिमोढ़: हिमानी का अप्रभाग जहाँ हिमप्रवाह का जलप्रवाह में रूपांतरण होता है, वहाँ से आगे जलप्रवाह हिमानी दूबारा लाए गए सभी हिमोढ़ो को बहाकर नहीं ले जा सकता। इसलिए इस भाग में हिमोढ़ निक्षेपित होता है। हिमानी के अंतिम भाग में होने के कारण इस हिमोढ़ को अंत्य हिमोढ़ कहते हैं।
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हिमानी के कार्य एवं भूरूप
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अध्याय 4: बाह्य प्रक्रियाएँ भाग - २ - स्वाध्याय [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

बालभारती Geography (Social Science) [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 4 बाह्य प्रक्रियाएँ भाग - २
स्वाध्याय | Q ६. (ई) | पृष्ठ ३९
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