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प्रश्न
होई जरी संतत दुष्टसंग
न पावती सज्जन सत्त्वभंग;
असोनिया सर्प सदाशरीरीं;
झाला नसे चंदन तो विषारी.
वरील काव्यपंक्तीतील अलंकार ओळखून लिहा.
विकल्प
अनन्वय
अतिशयोक्ती
अर्थान्तरन्यास
अपन्हुती
MCQ
व्याकरण
उत्तर
अर्थान्तरन्यास
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