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प्रश्न
हरदास ग्राम पंचायत में क्या-क्या निर्णय लिए गए?
उत्तर
- हरदास ग्राम पंचायत में निम्नलिखित निर्णय लिए गए
- एक कुआँ साफ कराने तथा दो हैंडपंपों को गहरा कराने का निर्णय लिया गया ताकि गाँव को बिना पानी के रहना न पड़े।
- ग्राम पंचायत खंड विकास अधिकारी से बात करके जल संरक्षण की योजना पर अधिक जानकारी इकट्ठा करेगी।
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क्या आपने ऐसी अन्य घटनाएँ देखी हैं जहाँ लोग अपने लिए ही बोल नहीं पाते? आपके अनुसार ऐसा क्यों होता है? इंसान को बोलने से कौन-सी चीज रोकती है?
क्या आपको लगता है कि ये निर्णय लेने जरूरी थे? क्यों?
ऊपर दिए गए विवरण में से एक प्रश्न बनाइए जो अगली ग्राम सभा की बैठक में लोग पंचायत से पूछ सकते हैं।
हरदास गाँव के लोग किन समस्याओं का सामना कर रहे थे? उन्होंने अपनी समस्याएँ सुलझाने के लिए क्या किया?
अपने क्षेत्र या अपने पास के ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत द्वारा किए गए किसी एक काम का उदाहरण लीजिए और उसके बारे में निम्नलिखित बातें पता कीजिए।
- यह काम क्यों किया गया?
- पैसा कहाँ से आया?
- काम पूरा हुआ या नहीं?
ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के बीच में क्या फ़र्क है?
जल संरक्षण और उसके फ़ायदे के विषय में और जानकारी इकट्ठी कीजिए।
नीचे दी गई खबर को पढ़िए और फिर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
चौफुला-शिरूर सड़क पर एक गाँव है निमोन। दूसरे गाँवों की तरह पिछले कई महीनों से इस गाँव में भी पानी की बहुत कमी चल रही है। गाँव वाले अपनी ज़रूरतों के लिए टैंकर पर निर्भर हैं। इस गाँव के भगवान महादेव लाड (35 वर्ष) को सात लोगों ने मिलकर डंडे, लोहे की छड़ से बहुत पीटा। इस घटना का पता तब चला जब कुछ लोग बुरी तरह से घायल लाड को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए। पुलिस की रपट में लाड ने लिखवाया कि उस पर हमला तब हुआ जब उसने टैंकर का पानी टंकी में भरने पर जोर दिया था। टंकी, निमोन ग्राम पंचायत की जल आपूर्ति योजना | के तहत बनाई गई थी ताकि पानी को समान रूप से वितरण हो, परंतु लाड का आरोप था कि ऊँची जाति के लोग इस बात के खिलाफ थे। वे टैंकर के पानी पर दलित जातियों का अधिकार नहीं मानते थे। (इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर, 1 मई 2004)
- भगवान लार्ड को पीटा क्यों गया था?
- क्या आपको लगता है कि यह एक भेदभाव का मामला है? क्यों?