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इकाई कर लगाने से एक फर्म के पूर्ति वक्र को किस प्रकार प्रभावित करता - Economics (अर्थशास्त्र)

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प्रश्न

इकाई कर लगाने से एक फर्म के पूर्ति वक्र को किस प्रकार प्रभावित करता

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

जब किसी वस्तु पर इकाई कर लगता है तो अल्पकाल में पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसक जाता है, क्योंकि अल्पकाल काल का पूर्ति वक्र MC का न्यूनतम AVC वक्र के ऊपर का हिस्सा होता है। कर लगने पर MC तथा AVC वक्र बाँई ओर खिसकेंगे, अतः पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसकेगा।

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एक फर्म का पूर्ति वक्र
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अध्याय 4: पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्तिथि में फर्म का सिद्धांत - अभ्यास [पृष्ठ ७८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Economics - Introductory Microeconomics [English] Class 11
अध्याय 4 पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्तिथि में फर्म का सिद्धांत
अभ्यास | Q 15. | पृष्ठ ७८

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कीमत SS1 इकाइयां SS2 इकाइयां
0 0 0
1 0 0
2 0 0
3 1 1
4 2 2
5 3 3
6 4 4

एक दो फर्मों वाले बाजार को लीजिए। निम्न तालिका में कॉलम SS1 तथा कालम SS2 क्रमशः फर्म-1 तथा फर्म-2 के पूर्ति सारणियों को दर्शाते हैं। बाजार पूर्ति सारणी का परिकलन कीजिए।

कीमत (रु) SS1 (किलो) SS2 (किलो)
0 0 0
1 0 0
2 0 0
3 1 0
4 2 0.5
5 3 1
6 4 1.5
7 5 2
8 6 2.5

10 ₹ प्रति इकाई बाजार कीमत पर एक फर्म की संप्राप्ति 50 ₹ है। बाजार कीमत बढ़कर 15 ₹ हो जाती है और अब फर्म को 150 ₹ की संप्राप्ति होती है। पूर्ति वक्र की कीमत लोच क्या है?


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