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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

जैव प्रौद्योगिकी जिस प्रकार उपयोगी है उसी प्रकार कुछ प्रमाण में हानिकारक भी है, इसपर तुलनात्मक लेखन करो। - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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प्रश्न

जैव प्रौद्योगिकी जिस प्रकार उपयोगी है उसी प्रकार कुछ प्रमाण में हानिकारक भी है, इसपर तुलनात्मक लेखन करो।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  1. जैव प्रौद्योगिकी कृषि, औषधी, स्वच्छता प्रौद्योगिकी तथा औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध हुई है।
  2. अनेक जैव प्रौद्योगिकी प्रयोग के कारण खाद्यान्नों के उत्पादन में पर्याप्त मात्रा में बढ़ोत्तरी हुई है। दूध और दूध के विभिन्न उत्पाद अब पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अब खाद्यान्नों की कमी के कारण भुखमरी से होने वाली मृत्यु की दर में कमी आई है। पर्याप्त खाद्यान्न भंडार के कारण लोगों के पास पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हैं।
  3. अतिउत्तम प्रौद्योगिकी का उपयोग करके बनाए गए टीकों के कारण महामारी का फैलना बंद हो गया है।
  4. जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग करके बनाए गए इन्सुलिन इंजेक्शन के कारण मानव में मधुमेह जैसे रोग पर नियंत्रण किया जा सकता है।
  5. प्रदूषण नियंत्रण, ठोस कचरा व्यवस्थापन, तथा ईंधन की समस्याओं को जैव प्रौद्योगिकी के विकल्पों के द्वारा अंशतः हल कर लिया गया है।
  6. यद्यपि जैव प्रौद्योगिकी के कुछ सकारात्मक, लाभदायक पहलू हैं। परंतु जैव प्रौद्योगिकी के कारण कुछ समस्याएँ भी उत्पन्न हुई हैं। जनुकीय परिवर्तन ने प्रकृति के विभिन्न सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। मानव के जनुकों को जीवाणुओं अथवा विषाणुओं में डालकर जो उत्पाद बनाए गए हैं उन उत्पादों का उपयोग केवल मानव ही अपने कल्याण के लिए कर सकता है।
  7. मानव क्लोनिंग भी एक गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है। क्लोनिंग से उत्पन्न हुई नई पीढ़ी की माताएँ होगीं। परंतु क्लोनिंग से उत्पन्न हुई नई पीढ़ी का कोई पिता नहीं होगा। यदि मानव ने कृत्रिम रूप से अन्य सजीवों के जनुकों का उपयोग करके अपने लाभ के लिए उन सजीवों को क्लोनिंग द्वारा उत्पन्न कर लिया, तो इससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाएगा। इस प्रकार के जनुकीय परिवर्तन तथा क्लोनिंग से भविष्य में घातक परिणाम प्राप्त हो सकते है। भविष्य में इसका दुष्प्रभाव मानव जीवन पर पड़ सकता है।
    इस प्रकार जैव प्रौद्योगिकी कुछ कारणों से हानिकारक भी सिद्ध हो सकती है।
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जैवप्रौद्योगिकी
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अध्याय 8: कोशिका विज्ञान एवं जैव प्रौद्‌योगिकी - स्वाध्याय [पृष्ठ १००]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology 2 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 8 कोशिका विज्ञान एवं जैव प्रौद्‌योगिकी
स्वाध्याय | Q 9. | पृष्ठ १००
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