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प्रश्न
जवारा के नवाब की बेगम ने सांप्रदायिक सौहार्द फैलाने की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया, कैसे? मेरे बचपन के दिन पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
जवारा के नवाब की बेगम उसी कंपाउंड के एक बँगले में रहती थी जिसमें लेखिका का परिवार रहता था। वे हिंदू-मुसलमान का भेद माने बिना बच्चों से स्वयं को ताई कहने के लिए कहती। उनके बच्चे लेखिका की माँ को ‘चची जान’ कहते थे। वे अपने इकलौते लडके के हाथ पर रक्षाबंधन को राखी बँधवातीं और लेखिक को ‘लरिया’ या कुछ उपहार देती। इसी तरह वे हिंदू त्योहारों को भी उतनी ही खुशी से मिल-जुलकर मनाती,जितना कि ईद या मुहर्रम को। उनका व्यवहार सांप्रदायिकता के मुँह पर तमाचा था। इस तरह उन्होंने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
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