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प्रश्न
जब हम किसी सरल लोलक के गोलक को एक ओर ले जाकर छोड़ते हैं तो यह दोलन करने लगता है। इसमें होने वाले ऊर्जा परिवर्तनों की चर्चा करते हुए ऊर्जा संरक्षण के नियम की व्याख्या कीजिए। गोलक कुछ समय पश्चात् विराम अवस्था में क्यों आ जाता है? अंततः इसकी ऊर्जा को क्या होता है? क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन है?
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
- एक छोटी धातु की गेंद (जिसे बॉब कहा जाता है) को एक हल्के धागे (घर्षण रहित, कठोर आधार) से लटकाया जाता है, जिसे सरल पेंडुलम कहा जाता है। चित्र में एक सरल पेंडुलम दिखाया गया है।
- एक सरल लोलक का गोलक अपनी माध्य स्थिति के माध्यम से एक चरम स्थिति से दूसरी चरम स्थिति तक घूमता है।
- बॉब चरम स्थितियों पर अपनी उच्चतम स्थिति पर है और औसत स्थिति पर निम्नतम स्थिति पर है।
- बॉब की गति के दौरान होने वाले ऊर्जा परिवर्तन चित्र में दिखाए गए हैं। इसलिए, जब एक पेंडुलम आगे-पीछे घूमता है, तो इसकी ऊर्जा निम्नलिखित क्रम में लगातार बदलती रहती है।
एकदम दाहिनी स्थिति - सभी शारीरिक व्यायाम, कोई गति व्यायाम नहीं। ↓ औसत स्थिति-कोई शारीरिक दक्षता नहीं, सभी मानसिक दक्षता ↓ एकदम बायीं स्थिति-सभी शारीरिक व्यायाम, कोई गति व्यायाम नहीं। ↓ औसत स्थिति-कोई शारीरिक दक्षता नहीं, सभी मानसिक दक्षता ↓ एकदम दाहिनी स्थिति - सभी शारीरिक व्यायाम, कोई गति व्यायाम नहीं।
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ऊर्जा संरक्षण का नियम
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