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'झेन की देन' पाठ में जापानियों के मानसिक रोग का कारण उनका अमेरिका से प्रतिस्पर्धा बताया गया है। आप इस कारण को कितना उचित मानते हैं? आपकी दृष्टि से जीवन में प्रतिस्पर्धा की क्या - Hindi Course - B

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प्रश्न

'झेन की देन' पाठ में जापानियों के मानसिक रोग का कारण उनका अमेरिका से प्रतिस्पर्धा बताया गया है। आप इस कारण को कितना उचित मानते हैं? आपकी दृष्टि से जीवन में प्रतिस्पर्धा की क्या भूमिका है? स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

लेखक के मित्र ने मानसिक रोग का कारण बताया कि जापानियों ने अमरीका की आर्थिक गति से प्रतिस्पर्धा करने के कारण अपनी दैनिक दिनचर्या की गति बढ़ा दी। प्रतिस्पर्धा जीवन में आवश्यक है, क्योंकि यह हमें प्रगति और विकास के लिए प्रेरित करती है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से व्यक्ति और समाज दोनों ही उन्नति करते हैं। प्रतिस्पर्धा से आत्मविश्वास, रचनात्मकता और मेहनत बढ़ती है, जो किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। यहाँ कोई चलता नहीं, बल्कि दौड़ता है। वे एक महीने का काम एक दिन में करने का प्रयास करते हैं, इस कारण वे शारीरिक व मानसिक रूप से बीमार रहने लगे हैं। हमारे विचार से प्रतिस्पर्धा के नाम पर स्वयं को तथा दूसरों को मानसिक पीड़ा पहुँचाना अनुचित है क्योंकि शरीर और मन मशीन की तरह कार्य नहीं कर सकते और यदि उन्हें ऐसा करने के लिए विवश किया गया तो उनका मानसिक संतुलन बिगड़ जाना अवश्यंभावी है।

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