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जिस डाली ने गोद खिलाया जिस कोंपल ने दी अरुणाई लछमन जैसी चौकी देकर जिन काँटों ने जान बचाई इनको पहिला हक आता है चाहे मुझको नोचें-तोड़ें -

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प्रश्न

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

जिस डाली ने गोद खिलाया जिस कोंपल ने दी अरुणाई

लछमन जैसी चौकी देकर जिन काँटों ने जान बचाई

इनको पहिला हक आता है चाहे मुझको नोचें-तोड़ें

चाहे जिस मालिन से मेरी पँखुरियों के रिश्ते जोड़ें

ओ मुझपर मँड़राने वालो मेरा मोल लगाने वालो

जो मेरा संस्‍कार बन गई वो सौगंध नहीं बेचूँगा।

अपनी गंध नहीं बेचूँगा।।

(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए- (1)

  1. गंध - ______
  2. हक - ______

(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)

मेरा मोल लगाने वालो।

(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ लिखिए- (2)

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

(1)

(2) (i) 

  1. गंध - फूल की सुगंध
  2. हक - अधिकार

(ii) मेरा मोल लगाने वाला।

(3) कवि स्पष्ट रूप से कहता है कि झूठे, मक्कार व लालची लोगों के द्वारा मैं बिकने वाला नही हूँ। क्योंकि उनके विचार और लेखनी ही उनका आत्मसम्मान है और यह उनके संस्कार का एक हिस्सा बन गई है और वह अपने प्रण भंग नहीं कर सकते।

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अपनी गंध नहीं बेचूँगा
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