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जलजीवशाला (एक्वेरियम) में किसी मछली की गतिविधि को देखिए। आपको उसके सिर के दोनों तरफ़ पल्ले के समान संरचनाएँ दिखाई देंगी। पल्ले जैसी यह संरचना एक ही ओर से खुलती और बंद होती है। इन - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

जलजीवशाला (एक्वेरियम) में किसी मछली की गतिविधि को देखिए। आपको उसके सिर के दोनों तरफ़ पल्ले के समान संरचनाएँ दिखाई देंगी। पल्ले जैसी यह संरचना एक ही ओर से खुलती और बंद होती है। इन प्रेक्षणों के आधार पर मछलियों में श्वसन के प्रक्रम को समझाइए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

मछलियों में श्वसन का प्रक्रम:

जब आप जलजीवशाला (एक्वेरियम) में मछली की गतिविधि को देखेंगे, तो आपको उसके सिर के दोनों तरफ़ पल्ले के समान संरचनाएँ दिखाई देंगी। ये पल्ले, जिन्हें ऑपर्कुलम कहा जाता है, गलफड़ों को ढकते हैं और एक के बाद एक खुलते और बंद होते हैं। मछलियों में श्वसन का प्रक्रम निम्नलिखित है:

  1. जल का प्रवेश: मछली अपना मुँह खोलती है और पानी को अंदर लेती है।
  2. गलफड़ों पर जल का प्रवाह: पानी मछली के गलफड़ों से होकर गुजरता है, जहाँ ऑक्सीजन पानी से अवशोषित होकर मछली के रक्त में प्रवेश करती है और कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से निकलकर पानी में मिल जाती है।
  3. ऑपर्कुलम की गतिविधि: ऑपर्कुलम (पल्ले) खुलते हैं ताकि इस्तेमाल किया गया पानी बाहर निकल सके, और फिर बंद हो जाते हैं ताकि ताजा पानी अंदर आ सके।

व्याख्या: ऑपर्कुलम की यह वैकल्पिक गतिविधि सुनिश्चित करती है कि ताजे, ऑक्सीजन युक्त पानी निरंतर गलफड़ों से होकर गुजरता रहे। इससे मछलियों के लिए आवश्यक गैस विनिमय (श्वसन) की प्रक्रिया निरंतर बनी रहती है, जो उनकी जीवित रहने के लिए आवश्यक है।

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जल में श्वसन
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