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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर। - Hindi Course - B

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प्रश्न

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
बूढ़तो गजराज राख्योकाटी कुण्जर पीर।
दासी मीराँ लाल गिरधरहरो म्हारी भीर।

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

इन पंक्तियों में मीरा ने कृष्ण से अपने दुख दूर करने की प्रार्थना की है। हे भक्त वत्सल जैसे डूबते गजराज को बचाया और उसकी रक्षा की वैसे ही आपकी दासी मीरा प्रार्थना करती है कि उसकी पीड़ा दूर करो। इसमें दास्य भक्तिरस है। भाषा ब्रज मिश्रित राजस्थानी है। अनुप्रास अलंकार हैभाषा सरल तथा सहज है।

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पद
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अध्याय 1.2: पद - प्रश्न-अभ्यास (ख) [पृष्ठ ११]

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एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 1.2 पद
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 2 | पृष्ठ ११

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