Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर
अक्सर बच्चे अपनी माँ की बात को नहीं मानते या उनमें अपना भला बुरा समझने की शक्ति नहीं होती है। इस कारण से माँ अपने बच्चों को ईश्वर का भय दिखाकर उन्हें सही रास्ते पर चलने को बाध्य करती है। सम्भवत: ईश्वर के प्रति असीम श्रद्धा होने के कारण माँ अपने बच्चों के भले के लिए ईश्वर का भय दिखाकर गलत करने से हमें रोकती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नाव किसका प्रतीक है? कवयित्री उसे कैसे खींच रही है?
श्रीकृष्ण की मुसकान का गोपियों पर क्या असर होता है?
कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है?
कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है?
ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
‘दुनिया की हजारों सड़कों से गुजरते हुए’ कहकर कवि ने किस ओर संकेत किया है? ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं। कविता के आलोक में लिखिए।
निम्न पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
तिनकों के हरे हरे तन पर
हिल हरित रुधिर है रहा झलक
कवि द्वारा हरियाली और तारों का किस तरह मानवीकरण किया गया है? ‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर लिखिए।
शहरी मेहमान के आने से गाँव में जो उत्साह दृष्टिगोचर होता है, उसे मेघ आए कविता के आलोक में लिखिए।
‘यमराज की दिशा’ कविता में कवि दक्षिण दिशा में दूर तक गया फिर भी वह यमराज का घर क्यों नहीं देख पाया?