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कैसे गुणसूत्रबिन्दु की स्थिति के आधार पर गुणसूत्र का वर्गीकरण किस रूप में होता है? अपने उत्तर को देने हेतु विभिन्न प्रकार के गुणसूत्रों पर गुणसूत्रबिन्दु की स्थिति को दर्शाने हेतु चित्र बनाइए। - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

कैसे गुणसूत्रबिन्दु की स्थिति के आधार पर गुणसूत्र का वर्गीकरण किस रूप में होता है? अपने उत्तर को देने हेतु विभिन्न प्रकार के गुणसूत्रों पर गुणसूत्रबिन्दु की स्थिति को दर्शाने हेतु चित्र बनाइए। 

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

सेंट्रोमियर का दूसरा नाम मुख्य संकुचन है। कीनेटोकोर, एक डिस्क के आकार की संरचना, इसके किनारे पर स्थित है। गुणसूत्र पर सेंट्रोमियर कहाँ स्थित है, इसके आधार पर, चार अलग-अलग प्रकार के गुणसूत्र होते हैं।

  • मध्यकेंद्री: इसमें गुणसूत्र बिन्दु गुणसूत्र के बीचों-बीच स्थित होता है। इससे गुणसूत्र की दोनों भुजाएँ बराबर लंबाई की होती हैं।
  • उपमध्यकेंद्री: इस गुणसूत्र में गुणसूत्रबिंदु गुणसूत्र के मध्य से हटकर होता है जिसके परिणामस्वरूप एक भुजा छोटी व एक भुजा बड़ी होती है।
  • अग्रबिंदु: अग्रबिंदु (ऐक्रो-न्ट्रिक) गुणसूत्र में गुणसूत्रबिंदु इसके बिल्कुल किनारे पर मिलता है। जिससे एक भुजा अत्यंत छोटी व एक भुजा बहुत बड़ी होती है।
  • अंतकेंद्री: अंतकेंद्री (फीबोसैन्ट्रिक ) गुणसूत्र में गुणसूत्रबिंदु गुणसूत्र के शीर्ष पर स्थित होता है।
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यूकैरियोटिक कोशिकाएं ( ससीमकेंद्रकी कोशिकाएं) - केंद्रक (न्यूक्लिअस)
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अध्याय 8: कोशिका : जीवन की इकाई - अभ्यास [पृष्ठ १०३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Biology [Hindi] Class 11
अध्याय 8 कोशिका : जीवन की इकाई
अभ्यास | Q 14. (ii) | पृष्ठ १०३
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