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कवयित्री आस्था का दीप किस तरह जलने की अभिलाषा करती है? - Hindi Course - B

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प्रश्न

कवयित्री आस्था का दीप किस तरह जलने की अभिलाषा करती है?

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उत्तर

कवयित्री की अभिलाषा है कि उसकी आस्था का दीप जलकर अपना सौरभ उसी तरह चारों ओर बिखरा दे जिस तरह सूर्य की किरणें चारों ओर भरपूर प्रकाश फैला जाती हैं। आस्था का यह दीप जलकर चारों ओर अपरिमित उजाला फैला दे, भले ही उसके लिए अपना एक-एक अणु गला देना पड़े अर्थात् वह अपना अस्तित्व नष्ट कर दे।

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मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
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अध्याय 1.6: मधुर-मधुर मेरे दीपक जल - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 1.6 मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
अतिरिक्त प्रश्न | Q 2

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