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कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

कवि देव ने चाँदनी रात में अपना पूर्ण सौंदर्य बिखेर रहे चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है। चाँद के परंपरागत वर्णन में कवि उसे अत्यंत सुंदर बताते हुए सुंदरी के मुख को चाँद के समान बताते हैं, जबकि कवि देव ने चाँद को राधा के मुँह का प्रतिबिंब बताया है जो स्वच्छ आकाश रूपी दर्पण में बना है। यहाँ परंपरागत उपमान चंद्रमा को उपमेय से हीन दर्शाया गया है।

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कवित्त
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अध्याय 3: देव - सवैया और कवित्त - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 3 देव - सवैया और कवित्त
अतिरिक्त प्रश्न | Q 14

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