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कवि के लिए सुख दिवा स्वप्न बनकर रह गए, स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

कवि के लिए सुख दिवास्वप्न बनकर रह गए, स्पष्ट कीजिए।

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

कवि ने जन सामान्य की भाँति ही सुखमय जीवन जीने की आकांक्षा पाल रखी थी परंतु वे सुख उसके लिए स्वप्न की भाँति साबित हुए। वह आँख खुलते ही स्वयं को जीवन के कठोर धरातल पर पाता। उसने अपनी पत्नी के साथ कुछ सुख के पल बिताए, जो क्षणिक थे। पत्नी की असामयिक मृत्यु के कारण वह सुख दिवा स्वप्न बनकर ही रह गए।

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आत्मकथ्य
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अध्याय 4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 4 जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

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