हिंदी

कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

बचपन में एक बार कवि की माँ ने कवि को यह शिक्षा दी कि दक्षिण दिशा की ओर यमराज का घर होता है। अत: उनकी तरफ पैर करके सोना उनको रुष्ट करने के समान है। माँ द्वारा दी गई इस शिक्षा का कवि ने आजीवन पालन किया। यही कारण है कि कवि को दक्षिण दिशा को पहचानने में कभी गलती नहीं हुई।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 16: यमराज की दिशा - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १३५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 16 यमराज की दिशा
प्रश्न अभ्यास | Q 1 | पृष्ठ १३५

संबंधित प्रश्न

कवयित्री द्वारा मुक्ति के लिए किए जाने वाले प्रयास व्यर्थ क्यों हो रहे हैं?


‘न खाकर बनेगा अहंकारी’-कवयित्री ने ऐसा क्यों कहा है?


जेल में कैदी के रूप में कवि को क्या-क्या काम करना पड़ा?


कबीर मनुष्य के लिए क्रिया-कर्म और योग-वैराग्य को कितना महत्त्वपूर्ण मानते हैं?


भाव स्पष्ट कीजिए -

हँसमुख हरियाली हिम-आतप

सुख से अलसाए-से सोए


कविता के आधार पर 'हरे चने' का सौंदर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।


कवि को ऐसा क्यों लगता है कि चना विवाह में जाने के लिए तैयार खड़ा है?


‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता ने साधारण-सी वस्तुओं में भी अपनी कल्पना से अद्भुत सौंदर्य का दर्शन किया है। स्पष्ट कीजिए।


कविता में जिन रीति-रिवाजों का मार्मिक चित्रण हुआ है, उनका वर्णन कीजिए।


कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है।आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी -

(क) वह आपको क्या सीख देती हैं?
(ख) क्या उसकी हर सीख आपको उचित जान पड़ती है? यदि हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×