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प्रश्न
खसरा कहलाने वाले इस रिकॉर्ड में पटवारी ने नीचे दिए गए जमीन के नक्शे के मुताबिक सूचनाएँ भरी हैं। इससे पता चलता है कि जमीन का कौन-सा टुकड़ा किसके नाम है। इस रिकॉर्ड और नक्शे को देखिए तथा मोहन और रघु की जमीन से संबंधित सवालों का जवाब दीजिए।
खसरा
नं | क्षेत्र हैक्टेयर में | जमीन मालिक का नाम, पिता/पति का नाम और पता | यदि बटाई पर है तो दूसरे किसान का नाम और बटाई का सिस्सा | इस साल जोती गई ज़मीन | परती ज़मीन | सुविधाएँ | ||
फसल | क्षेत्र | अन्य फसले | ||||||
1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
1 | 0.75 | मोहन, वल्द राजा राम गाँव अमरपुरा ज़मीन का मालिक | नहीं | सोयाबीन | 0.75 हैक्टेयर | |||
2 | 3.00 | रघु राम वल्द रतन लाल गाँव अमरपुरा ज़मीन का मालिक | नहीं | गेहूँ | 2.75 हैक्टेयर | 1.75 | 0.25 | कुआँ- 1 चालू |
3 | 6.00 | मध्य प्रदेश सरकारी घास का मैदान | नहीं | - | कुआँ- 1 चालू चरागाह |
- मोहन के खेत के दक्षिण में जो जमीन है वह किसी है?
- रघु और मोहन की जमीन के बीच की सीमा पर निशान लगाइए।
- खेत संख्या 3 को कौन इस्तेमाल कर सकता है?
- खेत संख्या 2 और 3 से संबंधित क्या-क्या जानकारी हमें मिल सकती है?
उत्तर
- मोहन के खेत के दक्षिण में रघु की ज़मीन है।
- खेत संख्या 3 मध्य प्रदेश सरकार का घास का मैदान है इसलिए इसका प्रयोग मध्य प्रदेश सरकार ही कर सकती है।
खेत संख्या 2 – इसे खेत का क्षेत्रफल 3.00 हेक्टेयर है। रघु राम वल्द रतन लाल गाँव अमरापुरा ज़मीन का मालिक है। यह खेत बटाई पर नहीं है इस खेत पर रघुराम स्वयं खेती करता है। इस वर्ष सोयाबीन और गेहूं की फसल 2.75 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उगाई गई है खेत में कुआँ भी है जिसके पानी का प्रयोग सिंचाई के लिए किया जाता है शेष 0.25 हेक्टेयर खेत परती जमीन है।
खेत संख्या 3 – इस जमीन का क्षेत्रफल 6.00 हेक्टेयर है मध्य प्रदेश सरकार इस जमीन की मालिक है। यह घास का मैदान है यह जमीन बटाई पर नहीं दी गई है। इस जमीन पर कोई फसल नहीं बोई गई है इस जमीन पर कुआँ भी है जो चालू स्थिति में है।
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