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किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीले की अपेक्षा काला क्यों प्रतीत होता है? - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीले की अपेक्षा काला क्यों प्रतीत होता है?

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उत्तर १

अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीले की अपेक्षा काला (अथवा गहरा) दिखाई देता है, क्योंकि बाह्य अंतरिक्ष में सूर्य के प्रकाश को प्रकीर्णित करने के लिए वायु के अणुओं से युक्त कोई वायुमंडल नहीं है।
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उत्तर २

आकाश का नीला रंग पृथ्वी पर स्थित वायुमंडल के सूक्ष्म कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण होता है। अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीले की अपेक्षा काला इसलिए दिखाई देता है, क्योंकि वे अत्यधिक ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं, जहाँ वायुमंडल नहीं होता। परिणामस्वरूप प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं हो पाता है और आकाश काला प्रतीत होता है।

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प्रकाश के प्रकीर्णन के अनुप्रयोग
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 11: मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी संसार - अभ्यास [पृष्ठ २२०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 10
अध्याय 11 मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी संसार
अभ्यास | Q 13. | पृष्ठ २२०
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