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प्रश्न
किसी एक फूल का निरीक्षण करो, उसके विविध अंगों का अध्ययन करो। उसका वर्णन अपने शब्दों में लिखकर आकृति बनाओ:
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
फूल के विभिन्न भाग हैं:
- पुमंग (नर प्रजनन अंग): यह पुंकेसर के चक्रों से बना होता है। पुंकेसर में तंतु (लंबा और पतला डंठल) और परागकोश (द्विपक्षीय संरचना) होते हैं। एक सामान्य परागकोश द्विपक्षीय होता है, जिसमें पराग कण होते हैं।
- जायांग (मादा प्रजनन अंग): यह कार्पेल से बना मादा प्रजनन अंग है। कार्पेल निम्न से बना होता है:
- पुतंतु - यह वर्तिका को अंडाशय से जोड़ता है।
- वर्तिका - यह पराग कणों के लिए एक पात्र के रूप में कार्य करता है।
- अंडाशय - यह बड़ा हुआ आधारीय भाग है जिस पर पुतंतु स्थित होता है। प्रत्येक अंडाशय में कुशन-जैसे प्लेसेंटा से जुड़े एक या अधिक बीजांड होते हैं। निषेचन के बाद, बीजांड बीज में और अंडाशय फल में विकसित होते हैं।
- निदलपुंज (सहायक अंग जिसमें बाह्यदलपुंज होते हैं): कली की अवस्था में पंखुडियाँ हरे रंग के पत्ते जैसे अंग से ढँकी होती हैं। फूल का हरे रंग का यह मंडल निदलपुंज कहलाता है।
- दलपुंज (सहायक अंग जिसमें पंखुड़ियाँ होती हैं): दलपुंज फूल के चमकीले रंग के चक्र को कहते हैं। दलपुंज की अलग इकाई पंखुड़ियाँ होती हैं। पंखुड़ियाँ आंतरिक आवश्यक अंगों (जैसे पुंकेसर और कार्पेल) की रक्षा करती हैं और परागणकों को आकर्षित करती हैं क्योंकि वे चमकीले रंग की होती हैं।
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