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कल अपने कमरे की खिडकी के पास बैठकर, जब मैं निहार रहा था एक पेड़ को तब मैं महसूस कर रहा था पेड़ होने का अर्थ! मैं सोच रहा था आदमी कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, वह एक पेड़ जितना - Hindi

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प्रश्न

निम्नलिखित पद्‌यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

कल अपने कमरे की
खिडकी के पास बैठकर,
जब मैं निहार रहा था एक पेड़ को
तब मैं महसूस कर रहा था पेड़ होने का अर्थ!
मैं सोच रहा था
आदमी कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए,
वह एक पेड़ जितना बड़ा कभी नहीं हो सकता
या यूँ कहूँ कि
आदमी सिर्फ आदमी है
वह पेड़ नहीं हो सकता!

  1. आकृति पूर्ण कीजिए: (२)
    1. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए:  (१)
      1. कमरा -
      2. खिड़कियाँ -
    2. निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय हटाकर मूल शब्द पद्यांश मे से दूँढ़कर लिखिए:  (१)
      1. बड़प्पन -
      2. आदमियत -
  2. 'पेड़ मनुष्य का परम मित्र है' इस विषय पर अपना मत ४० से ५० शब्दों में लिखिए।  (२)
आकलन

उत्तर


      1. कमरा - कमरे
      2. खिड़कियाँ - खिड़की
      1. बड़प्पन - बड़ा
      2. आदमियत - आदमी
  1. पेड़ मनुष्य का परम हितैषी है। प्रकृति की ओर से धरती को दिया गया अनमोल उपहार है पेड़। सभी प्रकार की वनस्पतियाँ, फल, फूल, अनाज, लकड़ी, खनिज सभी हमें पेड़ों से ही मिलते हैं। पेड़ हमें इमारती लकड़ी, ईंधन, पशुओं के लिए चारा, औषधि, लाख, गोंद, पत्ते आदि देते हैं। हम जो विषैली वायु बाहर छोड़ते हैं, वृक्ष उसे ग्रहण करके स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वायु हमें प्रदान करते हैं और हमें जीवन देते हैं। पेड़ वर्षा कराने में भी सहायक होते हैं। हमें अपने जीवन में वृक्षों के महत्व को समझना चाहिए।
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