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प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद भी इत्मीनान नहीं हुआ। वह उसके सिर पर हाथ फेरता रहा। लक्ष्मी स्थिर खड़ी उसकी ओर जिज्ञासापूर्ण दृष्टि से देखती रही। करामत अली को लगा जैसे लक्ष्मी कहना चाहती हो- ‘‘यदि मैं तुम्हारे काम की नहीं हूँ तो मुझे आजाद कर दो। मैं यह घर छोड़कर कहीं चली जाऊँगी।’’ करामत अली ड्यूटी पर जाने की तैयारी में था। तभी रमजानी बोली- ‘‘रहमान के अब्बा, अगर लक्ष्मी दूध नहीं देगी तो हम इसका क्या करेंगे? क्या खूँटे से बाँधकर हम इसे खिलाते-पिलाते रहेंगे ...?’’ |
(1) नाम लिखिए- (2)
(i)
(ii)
(2) लिखिए- (2)
- परिच्छेद के पात्र का नाम - ______
- परिच्छेद में गाय का नाम - ______
(3) गद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए- (2)
(i) उई के शब्द -
- ______
- ______
(ii) ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता -
- ______
- ______
(4) करामत अली के चरित्र पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
उत्तर
(1)
(i)
(ii)
(2)
- परिच्छेद के पात्र का नाम - रहमान
- परिच्छेद में गाय का नाम - लक्ष्मी
(3)
(i) उई के शब्द -
- करामत
- रमजानी
(ii) ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता -
- दूध
- इत्मीनान
(4) करामत अली एक सहृदय व्यक्ति था। वह अपने दोस्त की मर्यादा का निर्वहन करना चाहता था। उसे हमेशासे ही जानवरों से बेहद प्यार था।