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क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत को प्रयुक्त करते हुए समझाइए कि कैसे हेक्साएक्वा मैंगनीज (II) आयन में पाँच अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं, जबकि हेक्सासायनो आयन में केवल एक ही अयुग्मित इलेक्ट्रॉन है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत को प्रयुक्त करते हुए समझाइए कि कैसे हेक्साएक्वा मैंगनीज (II) आयन में पाँच अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं, जबकि हेक्सासायनो आयन में केवल एक ही अयुग्मित इलेक्ट्रॉन है।

लघु उत्तरीय

उत्तर

ऑक्सीकरण अवस्था +2 में Mn का विन्यास 3d5 होता है। लिगन्ड के रूप में H2O (दुर्बल क्षेत्र लिगन्ड) की उपस्थिति में इन पाँच इलेक्ट्रॉनों का वितरण \[\ce{t^3_{2{g}} e^2_{{g}}}\] होता है अर्थात् सभी इलेक्ट्रॉन अयुग्मित रह जाते हैं। लिगन्ड के रूप में CN(प्रबल क्षेत्र लिगन्ड) की उपस्थिति में वितरण \[\ce{t^5_{2{g}} e^0_{{g}}}\] है। अर्थात् दो t2g कक्षकों में युग्मित इलेक्ट्रॉन हैं, जबकि तीसरे t2g कक्षक में एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होता है।

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उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन - क्रिष्टल क्षेत्र सिध्दांत
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अध्याय 9: उपसहसंयोजन यौगिक - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ २७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 9 उपसहसंयोजन यौगिक
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 9.10 | पृष्ठ २७२
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