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प्रश्न
क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब ______।
विकल्प
कुछ धनायन अपने जालक स्थानों से निकलकर अन्तराकाशी स्थानों में अध्यासित हो जाते हैं।
जालक से समान संख्या में धनायन एवं ऋणायन अनुपस्थित होते हैं।
कुछ जालक स्थल इलेक्ट्रॉनों द्वारा अध्यासित होते हैं।
जालक में कोई अशुद्धि उपस्थित होती है।
उत्तर
क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब जालक से समान संख्या में धनायन एवं ऋणायन अनुपस्थित होते हैं।
स्पष्टीकरण -
शॉट्की दोष ये आयनिक ठोस द्वारा दिखाया गया है। विद्युतीय तटस्थता बनाए रखने के लिए लापता पिंजरों और आयनों की संख्या बराबर है। यह यौगिक के घनत्व को कम करता है। यह एक रिक्ति दोष है। यह दोष विद्युत तटस्थता को बनाए रखता है क्योंकि ठोस से समान आयनों और उद्धरण गायब हैं। यह दोष घनत्व के साथ-साथ ठोस की मात्रा को भी कम करता है।
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उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
शॉट्की दोष
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
फ्रेंकेल दोष
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
अन्तराकाशी
______ में धनायन अन्तरकाशी स्थल में उपस्थित होते हैं।
कॉलम I में दिए गए दोषों के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) अशुद्ध दोष | (a) वह NaCl जिसमें F-केंद्र नामक ऋणायनिक स्थल उपस्थित हों |
(ii) धातु आधिक्य दोष | (b) Fe3+ युक्त FeO |
(iii) धातु न्यूनता दोष | (c) Sr2+ युक्त NaCl जिसमें कुछ धनायनी स्थल रिक्त हों |
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