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कुछ धातुओं के कार्य-फलन निम्न प्रकार दिए गए हैं Na: 2.75 ev; K: 2.30 ev; Mo:417ev; Ni : 5.15 ev इनमें धातुओं में से कौन प्रकाश सेल से 1m दूर रखे गए He-cd लेसर से उत्पन्न - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

कुछ धातुओं के कार्य-फलन निम्न प्रकार दिए गए हैं
Na: 2.75 ev; K: 2.30 ev; Mo:417ev; Ni : 5.15 ev इनमें धातुओं में से कौन प्रकाश सेल से 1m दूर रखे गए He-cd लेसर से उत्पन्न 3300 Å तरंगदैर्घ्य के विकिरण के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन नहीं देगा? लेसर को सेल के निकट 50 cm दूरी पर रखने पर क्या होगा?

संख्यात्मक

उत्तर

He-Cd लेसर से उत्पन्न तरंगदैर्घ्य λ = 3300 Å = 3.3 x 10-7m

इस विकिरण के एक फोटॉन की ऊर्जा

E = `"hc"/lambda = (6.6 xx 10^-34 xx 3 xx 10^8)/(3.3 xx 10^-7) = 6 xx 10^-19`J

`= (6 xx 10^-19)/(1.6 xx 10^-19)`eV = 3.75 eV

∵ Mo तथा Ni के लिए कार्य-फलंन, उक्त विकिरण के एक फोटॉन की ऊर्जा से अधिक है; अतः उक्त दोनों धातु प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन नहीं देंगे। यदि लेसर को 1 m के स्थान पर 50 cm दूरी पर रख दें तो भी उक्त परिणाम में कोई अन्तर नहीं आएगा, क्योंकि लेसर को समीप रखने पर धातु पर गिरने वाले प्रकाश की तीव्रता तो बढ़ जाएगी,परन्तु एक फोटॉन से सम्बद्ध ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

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प्रकाश-विद्युत प्रभाव
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अध्याय 11: विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति - अभ्यास [पृष्ठ ४१२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 12
अध्याय 11 विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
अभ्यास | Q 11.29 | पृष्ठ ४१२

संबंधित प्रश्न

पृथ्वी के पृष्ठ पर पहुँचने वाला सूर्यप्रकाश का ऊर्जा-अभिवाह (फ्लक्स) 1.388 x 103 W/m2 है। लगभग कितने फ़ोटॉन प्रति वर्ग मीटर प्रति सेकण्ड पृथ्वी पर आपतित होते हैं? यह मान लें कीकि सूर्य-प्रकाश में फ़ोटॉन का औसत तरंगदैर्घ्य 550 nm है।


एक 100 w सोडियम बल्ब (लैम्प) सभी दिशाओं में एकसमान ऊर्जा विकिरित करता है। लैम्प को एक ऐसे बड़े गोले के केन्द्र पर रखा गया है जो इस पर आपतित सोडियम के सम्पूर्ण प्रकाश को अवशोषित करता है। सोडियम प्रकाश का तरंगदैर्घ्य 589 nm है।

  1. सोडियम प्रकाश से जुड़े प्रति फोटॉन की ऊर्जा कितनी है?
  2. गोले को किस दर से फोटॉन प्रदान किए जा रहे हैं?

एक पारद लैम्प, प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन की आवृत्ति निर्भरता के अध्ययन के लिए एक सुविधाजनक स्रोत है, क्योंकि यह दृश्य-स्पेक्ट्रम के पराबैंगनी (UV) से लाल छोर तक कई वर्ण-रेखाएँ उत्सर्जित करता है। रूबीडियम प्रकाश सेल के हमारे प्रयोग में, पारद (Mercury) स्रोत की निम्न वर्ण-रेखाओं का प्रयोग किया गया

λ1 = 3650 Å,

λ2 = 4047 Å,

λ3 = 4358 Å,

λ4 = 5461 Å,

λ5 = 6907 Å
निरोधी वोल्टताएँ, क्रमशः निम्न मापी गईं हैं
V01 = 1.28 v,
V02 = 0.95 v,
V03 = 0.74V,
V04 = 0.16 V,
V05 = 0V

(a) प्लैंक स्थिरांक h का मान ज्ञात कीजिए।

(b) धातु के लिए देहली आवृत्ति तथा कार्य-फलन का आकलन कीजिए।

v1 = 8.2 × 1014 Hz, v2 = 7.4 × 1014 Hz, v3 = 6.9 × 1014 Hz, v4 = 5.5 × 1014 Hz, v5 = 4.3 × 1014 Hz


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