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प्रश्न
कविता में आए भावों को प्रश्नोत्तर के माध्यम से स्पष्ट करें।
विस्तार में उत्तर
उत्तर
१. | प्रश्न: | कविता में "मस्त पवन के संग-संग आया मधुमास का त्योहार" पंक्ति का क्या अर्थ है? |
उत्तर: | यह पंक्ति बसंत ऋतु के आगमन को दर्शाती है, जहाँ खुशबू से भरी पवन बह रही है और वातावरण में उल्लास छाया हुआ है। | |
२. | प्रश्न: | "धानों रंग से रंगी धरा" से कवि क्या कहना चाहता है? |
उत्तर: | कवि बताना चाहता है कि खेतों में पकते हुए फसलों का सुनहरा रंग धरती को सुंदर बना रहा है। | |
३. | प्रश्न: | कविता में "हरित मन ले लजवाती, मुस्कान बसंती छोड़े" का क्या भाव है? |
उत्तर: | इसमें प्रकृति की सुंदरता और हरी-भरी धरती का चित्रण है, जो लाज से भरी हुई मुस्कुरा रही है। | |
४. | प्रश्न: | "सूने-सूने पडाव को भी, आज बसंती आधार मिला" का क्या आशय है? |
उत्तर: | यह पंक्ति दर्शाती है कि बसंत ऋतु के आगमन से वीरान और सूने पड़े स्थान भी जीवंत और उल्लास से भर गए हैं। | |
५. | प्रश्न: | "प्यासी-प्यासी से नयनों को, जीवन का आधार मिला" का क्या तात्पर्य है? |
उत्तर: | इसका तात्पर्य यह है कि बसंत ऋतु के आते ही वातावरण में नई ऊर्जा और ताजगी आ गई है, जिससे आँखों को आनंद की अनुभूति हो रही है। | |
६. | प्रश्न: | "ऐसा लगे बसंती रंग से, धरा की हल्दी आज चढ़ी हो" का क्या संकेत है? |
उत्तर: | यह वाक्य बसंत ऋतु की सुंदरता और धरती पर छाए पीले रंग का संकेत देता है, जैसे किसी विवाह में हल्दी का लेप किया जाता है। | |
७. | प्रश्न: | "कोकिला कूक-कूक कर गाए मंगल ज्योहार" से कविता में कौन सा भाव प्रकट होता है? |
उत्तर: | इसमें उल्लास और खुशी का भाव है, जहाँ कोयल अपनी मधुर वाणी में गाकर वातावरण को और भी मधुर बना रही है। | |
८. | प्रश्न: | "गाँव-गाँव में गोरी नाचे, बाग-बाग में कली-कली" से क्या चित्रण किया गया है? |
उत्तर: | इस पंक्ति में ग्रामीण संस्कृति का सुंदर चित्रण है, जहाँ लोग उत्सव मना रहे हैं और फूल भी खुशी से खिल उठे हैं। | |
९. | प्रश्न: | "या फिर नाचे शैवनाग पर, नटवर कृष्ण मुरार" का क्या अर्थ है? |
उत्तर: | यह पंक्ति भगवान कृष्ण के नृत्य का संदर्भ देती है, जो आनंद और उत्सव के प्रतीक हैं। |
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