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प्रश्न
क्या आप भारतीय समाज से संघर्ष के विभिन्न उदाहरण हूँढ़ सकते हैं? प्रत्येक उदाहरण में वे कौन से कारण थे जिसने संघर्ष को जन्म दिया? चर्चा कीजिए।
उत्तर
संघर्ष में वे सभी प्रक्रियाएँ शामिल हैं जिनमें व्यक्ति दूसरों की इच्छा के विरुद्ध कार्य करता है। अपने लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु यह एक सचेत प्रक्रिया है। संघर्ष एक विघटनकारी समाजिक प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति या समूह को ऐसा लगता है कि दूसरों की रुचि, उसके समान है तथा दोनों एक दूसरे का सम्पर्क साधने की कोशिश करते हैं। समूहों के बीच विद्यमान संघर्षों से अनेक सामाजिक तथा संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं को प्रोत्साहन प्राप्त होता है। ये प्रक्रियाएँ दोनों पक्षों को कठोर बनाती है, जिससे अंतः समूहों का केंद्रीकरण होता है। इसका परिणाम समान विचारधारा वाले दलों का गठबंधन है, जिससे दोनों दलों का भय बढ़ जाता है। इसका संबंध जाति, वर्ग, धर्म, क्षेत्र, भाषा और इसी प्रकार अन्य से है। ऐसे संघर्षों की व्याख्या संरचनात्मक समूह तथा व्यक्तिगत स्तर पर की जा सकती है। भारतीय समाज में संरचनात्मक अवस्थित में गरीबी का उच्च दर, आर्थिक तथा सामाजिक स्तरीकरण असमानता, सीमित राजनैतिक और सामाजिक अवसर सम्मिलित है। व्यक्तिगत स्तर पर विचार, पूर्वागृहिक अभिवृत्ति तथा वैयक्तित्व मुख्य निर्धारक हैं। भारत में हाल के वर्षों में जमीन, पहचान, सांप्रदायिक, वर्ग और भाषा विवादों से संबंधित संघर्ष सामान्य बनता जा रहा है।