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क्या आप किसी समूह के सदस्य है? वह क्या है जिसने आपको इस समूह में सम्मिलित होने के लिए अभिप्रेरित किया? इसकी विवेचना कीजिए। - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

क्या आप किसी समूह के सदस्य है? वह क्या है जिसने आपको इस समूह में सम्मिलित होने के लिए अभिप्रेरित किया? इसकी विवेचना कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

"मैं भी किसी समूह का सदस्य हूं। निम्नलिखित कारण है। जिसके कारण में किसी समूह में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित हुआ।

प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी समूह का सदस्य होते है। हम अपने परिवार, कक्षा और उस समूह के सदस्य हैं जिनके साथ हम अन्तःक्रिया करते हैं या खेलते हैं। इसी प्रकार किसी विशेष समय पर अन्य व्यक्ति भी अनेक समूहों के सदस्य होते है। अलग - अलग समूह भिन्न - भिन्न प्रकार की आवश्यकताओं को संतुष्ट करते हैं और इसलिए हम एक साथ अनेक समूहों के सदस्य होते है। यह कभी - कभी हम लोगों के लिए एक दाव उत्पन्न करता है क्योंकि समूहों की प्रतिस्पर्धी प्रत्याषाएँ और माँगे हो सकती है। अधिकांश स्थितियों में हम ऐसी प्रतिस्पर्धी माँगो और प्रत्याशाओं को प्रबंधित करने से सक्षम होते है। लोग समूह में। इसलिए सम्मिलित होते है क्योकि ऐसे समूह अनेक आवश्यकताओं को संतुष्ट करते हैं।

  1. सुरक्षा - व्यक्ति जब अकेला होता है तो वह अपने आप को असुरक्षित महसूस करता है किसी समूह में सम्मिलित होकर उसके अंदर असुरक्षा की भावना कम या बिल्कुल खत्म हो जाती है। इस कारण वह स्वयं को अधिक सुरक्षित व शक्तिशाली महसूस करता है क्योंकि समूह के अंदर उसको अनेक लोगों का साथ मिलता है वह स्वयं को अकेला नहीं पाता।
  2. प्रतिष्ठा - प्रतिष्ठा पाने का लोभ भी व्यक्ति को किसी समूह के अंदर शामिल होने के लिए प्रेरित करता है। कई ऐसे समूह होते हैं जिनके अंदर शामिल होने पर एक सामाजिक प्रतिष्ठा का अनुभव होता है।
  3. आत्म सम्मान - किसी समूह में सम्मिलित होकर व्यक्ति के अंदर आत्मसम्मान जागृत होता है जिसके कारण वह खुद बेहतर स्थिति में पाता है।
  4. आत्म संतुष्टि - कुछ व्यक्तियों की सामाजिक एवं मानसिक आवश्यकतायें होती है जो किसी समूह में शामिल होकर पूर्ण हो जाती हैं और उन्हें एक आत्मसंतुष्टि का अनुभव होता है। इस कारण भी लोग किसी समूह में शामिल होने के लिए प्रेरित होते हैं।
  5. सूचना व ज्ञान - किसी समूह में शामिल होकर हम अपनी जानकारी, अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं। सूचनाओं के आदान-प्रदान द्वारा ज्ञान भंडार बढ़ता है और हमारा दृष्टिकोण व्यापक होता है, जो कि हमें व्यक्तिगत स्तर पर नहीं प्राप्त होता हो पाता है।
  6. लक्ष्य प्राप्ति - किसी भी व्यक्ति के जीवन में बहुत सारे ऐसे लक्ष्य होते हैं जिन्हें वो व्यक्तिगत रूप से नहीं प्राप्त कर सकता। किसी समूह में शामिल होकर वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग सुगम बनाता है। एकता में ही शक्ति होती है और एक दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ा जा सकता है। इस कारण अपने किसी लक्ष्य की प्राप्ति में सहयोग के लिये लोग किसी समूह में शामिल होने के लिए प्रेरित होते हैं।
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समूह की प्रकृति एवं इसका निर्माण
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अध्याय 7: सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ १५९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 12
अध्याय 7 सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 2. | पृष्ठ १५९
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