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क्या भारत सरकार की नवरत्न नीति सार्वजनिक उपक्रमों के निष्पादन को सुधारने में सहायक रही है? कैसे? - Economics (अर्थशास्त्र)

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प्रश्न

क्या भारत सरकार की नवरत्न नीति सार्वजनिक उपक्रमों के निष्पादन को सुधारने में सहायक रही है? कैसे?

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उत्तर

सरकार ने कुछ लाभ कमा रही सार्वजनिक उपक्रमों को विशेष स्वायत्ता देने का निर्णय किया। 1996 में ‘नवरत्न नीजी’ अपनाई गई जिसके अंतर्गत 9 सर्वाधिक लाभ कमा रही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को नवरत्न का दर्जा दिया गया तथा अन्य 97 लाभ कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ‘लघुरत्न’ कहा गया।

‘नवरत्न’ और ‘लघुरत्न’ नाम के अलंकरण के बाद इन कंपनियों के निष्पादन में अवश्य ही सुधार आया है। उन्हें अधिक प्रचालन और प्रबंधकीय स्वायत्ती दी गई जिससे उनकी दक्षता और उसके द्वारा मुनाफे में वृद्धि हुई है।

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उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण - एक समीक्षा
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अध्याय 3: उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण: एक समीक्षा - अभ्यास [पृष्ठ ५५]

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एनसीईआरटी Economics [English] Class 12
अध्याय 3 उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण: एक समीक्षा
अभ्यास | Q 12. | पृष्ठ ५५
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