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क्या निर्णय लेना एवं निर्णयन अंतःसंबंधित प्रक्रियाएँ हैं? व्याख्या कीजिए। - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

क्या निर्णय लेना एवं निर्णयन अंतःसंबंधित प्रक्रियाएँ हैं? व्याख्या कीजिए।

दीर्घउत्तर

उत्तर

निर्णयन - निगमनात्मक एवं आगमनात्मक तर्कना हमें निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करते हैं। निर्णय (Judgement) लेने में हम ज्ञान एवं उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर निष्कर्ष निकलने हैं, धारणा बनाते हैं, घटनाओं और वास्तुओं का मूल्यांकन करते हैं। इस उदाहरण पर विचार करें, यह आदमी बहुत वाचाल है, लोगों से मिलना पसंद करता है, दूसरों को सरलता से सहमद कर लेता है - वह बिक्रीकर्ता की नौकरी के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होगा। इस व्यक्ति के बारे में हमारा निर्णय एक निपुण बिक्रीकर्ता के लक्षणों या विशेषताओं पर आधारित है।

कभी-कभी निर्णय स्वचालित होते हैं और इसके लिए व्यक्ति की ओर से किसी चेतन प्रयास की आवश्यकता नहीं होती है तथा ये आदतवश हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, लाल बत्ती देखने पर ब्रेक लगाना, किंतु उपन्यास अथवा साहित्यिक पुस्तक के मूल्यांकन में आपके पूर्व ज्ञान एवं अनुभव के संदर्भ की आवश्यकता होती है। एक पेंटिंग के सौंदर्य के मूल्यांकन में आपकी व्यक्तिगत अभिरुचियाँ और पसंद सम्मिलित होंगी। अतः हमारे निर्णय हमारे विश्वासों और अभिवृत्तियों से स्वतंत्र नहीं होते हैं। नवीन अर्जित सूचना के आधार पर हम अपने निर्णय में परिवर्तन भी करते हैं। एक उदाहरण देखिए। एक नया अध्यापक विद्यालय में पद -भार ग्रहण करता है, विद्यार्थी तत्काल निर्णय लेते हैं कि अध्यापक बहुत कठोर है। बाद की कक्षाओं में वे अध्यापक से घुल मिल जाते हैं और अपने निर्णय में परिवर्तन कर लेते हैं। अब वे अध्यापक का मूल्यांकन अत्यंत छात्र-मित्र के करते हैं।

अनेक समस्याएँ जिनका समाधान हम प्रतिदिन करते हैं जिसमें निर्णयन की आवश्यकता पड़ती है। पार्टी में जाने के लिए क्या पहनें? रात के भोजन में क्या खाएँ ? हमें अपने मित्र से क्या कहना है ? इन सभी प्रश्नों का उत्तर अनेक विकल्पों में से किसी एक विकल्प को चुनने में पाया जाता है। निर्णयन में हम विकल्पों का चयन करते हैं जो कभी-कभी व्यक्तिगत महत्त्व के विकल्पों पर आधारित होता है। निर्णयन और निर्णय परस्पर संबंधित प्रक्रियाएँ हैं। निर्णयन में हमारे समक्ष जो समस्या होती है वह है प्रत्येक विकल्प से संबंधित लागत-लाभ का मूल्यांकन करते हुए विकल्पों में से चयन करने का विकल्प जब हमारे पास है तो यह निर्णयन हमारी रूचि, भावी अवसर, पुस्तकों की उपलब्धता, अध्यापकों की दक्षता इत्यादि पर आधारित होगा। वरिष्ठ छात्रों और अध्यापकों से बातचीत, कुछ कक्षाओं में पढ़ लेना आदि के द्वारा हम इनका मूल्यांकन कर सकते हैं। निर्णयन अन्य तरह की समस्या समाधान से हटकर है। निर्णयन में हम पूर्व से ही विभिन्न समाधान या विकल्पों को जानते हैं और उनमें से एक का चयन करना होता है। उदाहरण के लिए, आपका मित्र बैडमिंटन का बहुत अच्छा खिलाडी है। उसे राज्य स्तर पर खेलने का अवसर मिल रहा है। उसी समय वार्षिक परीक्षा नजदीक आ रही है और उसके लिए उसे गहन अध्ययन की आवश्यकता है। उसे दो विकल्पों बैडमिंटन के लिए अभ्यास या वार्षिक परीक्षा के लिए अध्ययन में से एक को चुनना होगा। इस स्थिति में उसका निर्णय विभिन्न परिणामों के मूल्यांकन पर आधारित होगा।

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निर्णयन
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अध्याय 8: चिंतन - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ १७४]

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एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 11
अध्याय 8 चिंतन
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 5. | पृष्ठ १७४
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