हिंदी

क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

मुझे गंदे लोंगों का छूना बुरा लगता है।

shaalaa.com
दुनिया मेरे घर में
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 22: दुनिया मेरे घर में - मुझे यह अच्छा नहीं लगता! [पृष्ठ १८५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 22 दुनिया मेरे घर में
मुझे यह अच्छा नहीं लगता! | Q 1.1 | पृष्ठ १८५

संबंधित प्रश्न

सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?


एक दिन फली, नाज़ू और उनके दोस्त पिलू मामी के साथ समुद्र तट पर घूमने गए। पानी और रेत में खूब खेलने के बाद बच्चों ने आकाशी झूले में चक्कर लगाए, भेलपूरी खाई और गुब्बारे भी खरीदे। बाद में सभी ने मज़े से ठंडी-ठंडी कुल्फ़ी खाई। कुल्फ़ी वाले ने गलती से सात के बजाए पाँच कुल्फ़ी के ही पैसे माँगे। बच्चों ने सोचा ‘चलो पैसे बच गए।’ पर पिलू मामी ने कुल्फ़ीवाले को सही हिसाब समझाया और सात कुल्फ़ियों के ही पैसे दिए।

उस दिन बच्चों ने पिलू मामी से जो बात सीखी, उसे शायद वे कभी नहीं भूलेंगे।

  • अपनी कल्पना से, इस कहानी का अंत बदलकर कॉपी में लिखो।
  • क्या तुम्हारे परिवार में भी कोई पिलू मामी की तरह है? कौन?
  • अगर पिलू मामी कम पैसे देकर वहाँ से चलीं जातीं, तो बच्चे इस बारे में क्या सोचते? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?

तुम्हें क्या लगता है, अक्षय क्या करेगा?


क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?


तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?


तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?


क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम कुछ करना चाहते हो, पर घर के बड़ों ने मना किया हो?


मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।

ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?


अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?


सभी का छूना एक जैसा नहीं होता। जब मीना के मामा रितु का हाथ पकड़ते थे, तब उसे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन उसे मीना का हाथ पकड़ना अच्छा लगता था। सोच कर बताओ, ऐसा अंतर क्यों था?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×