हिंदी

क्या यह सत्य है कि कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में मैग्नीशियम, Al2O3 को अपचयित कर सकता है और Al, MgO को? वे परिस्थितियाँ कौन-सी हैं? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या यह सत्य है कि कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में मैग्नीशियम, Al2O3 को अपचयित कर सकता है और Al, MgO को? वे परिस्थितियाँ कौन-सी हैं?

उन परिस्थितियों का अनुमान लगाइए जिनमें Al, MgO को अपचयित कर सकता है।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

दोनों अभिक्रियाएँ इस प्रकार हैं –

\[\ce{4/3 Al + O2 -> 2/3Al2O3}\]; ΔfGΘ Al, Al2O3 ….......(i)

\[\ce{2Mg + O2 -> 2MgO}\]; ΔfGΘ Mg, MgO ….......(ii)

एलिंघम आरेख द्वारा स्पष्टीकरण – कुछ ऑक्साइडों के विरचन में AG° तथा T के एलिंघम आरेख निम्नवत् हैं –


कुछ ऑक्साइडों विरचन में गब्ज ऊर्जा ΔGΘ तथा T के मध्य वक्र (आरेखीय एलिंघम आलेख)

उपर्युक्त आरेख से स्पष्ट है कि 1665 K से नीचे तापमान पर Al2O3 का ΔfGΘ मान MgO की तुलना में कम ऋणात्मक है। अतः जब समीकरण

  • को समीकरण
  • में से घटाया जाता है तो संयुक्त रेडॉक्स अभिक्रियाओं अर्थात् समीकरण
  • का ΔfGΘ ऋणात्मक होता है।

\[\ce{2Mg + 2/3 Al2O3 -> 2MgO + 2/3 Al}\]; ΔfGΘ = – ve .......…(iii)

इस प्रकार 1665 K से नीचे तापमान पर Mg, Al2O3 को Al में अपचयित कर सकता है। 1665 K से अधिक तापमान पर Al2O3 का ΔfGΘ मान MgO की तुलना में अधिक ऋणात्मक होता है। इसलिए जब समीकरण (ii) को समीकरण (i) में से घटाया जाता है तो संयुक्त रेडॉक्स अभिक्रिया अर्थात् समीकरण (iv) का ΔfGΘ ऋणात्मक होता है।

\[\ce{4/3Al + 2MgO -> 2/3Al2O3 + 2Mg}\]; ΔfGΘ = – Ve ….......(iv)

अत: 1665 K से अधिक तापमान पर Al, MgO को Mg में अपचयित कर सकता है।

shaalaa.com
सांद्रित अयस्कों से अशोधित धातुओं का निष्कर्षण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ १६५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 6 तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 6.4 | पृष्ठ १६५
एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 6 तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम
अभ्यास | Q 6.27 | पृष्ठ १७३

संबंधित प्रश्न

अभिक्रिया \[\ce{Cr2O3 + 2 Al -> Al2O3 + 2Cr}\] (ΔGΘ = – 421 kJ) के गिब्ज़ ऊर्जा मान से लगता है कि अभिक्रिया ऊष्मागतिकी के अनुसार संभव है, पर यह कक्ष ताप पर संपन्न क्यों नहीं होती?


673 K ताप पर C तथा CO में से कौन-सा अच्छा अपचायक है?


कॉपर के वैद्युतअपघटन शोधन में ऐनोड पंक में उपस्थित सामान्य तत्वों के नाम दीजिए। वे वहाँ कैसे उपस्थित होते हैं?


आयरन (लोहे) के निष्कर्षण के दौरान वात्या भट्टी के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली अभिक्रियाओं को लिखिए।


ज़िंक ब्लेंड से ज़िंक के निष्कर्षण में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं को लिखिए।


ढलवाँ लोहा कच्चे लोहे से किस प्रकार भिन्न होता है?


अयस्कों तथा खनिजों में अंतर स्पष्ट कीजिए।


Co का उपयोग करते हुए अपचयन द्वारा ज़िंक ऑक्साइड से ज़िंक का निष्कर्षण क्यों नहीं किया जाता?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×