Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लेखक ने अतिथि का स्वागत किसे आशा में किया?
उत्तर
लेखक ने अतिथि का स्वागत जिसे उत्साह और लगन के साथ किया उसके मूल में यह आशा थी कि अतिथि भी अपना देवत्व बनाए रखेगा और उसकी परेशानियों को ध्यान में रखकर अगले दिन घर चला जाएगा। जाते समय उसके मन पर शानदार मेहमान नवाजी की छाप होगी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
भोजन के संबंध में लेखिका को अन्य पालतू जानवरों और गिल्लू में क्या अंतर नज़र आया?
डाकखाने में पत्र डालने जाते समय लेखक ने क्या-क्या तैयारियाँ कीं और क्यों?
लेखक को अपने डंडे से इतना मोह क्यों था?
कुएँ में साँप होने का पता लेखक एवं अन्य बच्चों को कैसे चला?
'उनाकोटी' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बतलाएँ कि यह स्थान इस नाम से क्यों प्रसिद्ध है?
'मेरी रीढ़ में एक झुरझुरी-सी दौड़ गई' − लेखक के इस कथन के पीछे कौन-सी घटना जुड़ी है?
महिसागर नदी का किनारा उस दिन अन्य दिनों से किस तरह भिन्न था? इस अद्भुत दृश्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
उस स्त्री को देखकर लेखक को कैसा लगा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
पोशाक हमारे लिए कब बंधन और अड़चन बन जाती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
हिमपात किस तरह होता है और उससे क्या-क्या परिवर्तन आते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए कुल कितने कैंप बनाए गए? उनका वर्णन कीजिए।
निम्नलिखित शब्दों में उपयुक्त उपसर्ग लगाइए −
जैसे : पुत्र − सुपुत्र
वास व्यवस्थित कूल गति रोहण रक्षित
कर्नल खुल्लर ने किस कार्य को जबरदस्त साहसिक बताया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लेखक अतिथि को कैसी विदाई देना चाहता था?
यदि अतिथि पाँचवें दिन भी रुक गया तो लेखक की क्या दशा हो सकती थी?
लेखक के अनुसार अतिथि का देवत्व कब समाप्त हो जाता है?
उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
रामन् का पहला शोध पत्र ______ में प्रकाशित हुआ था।
भारत के प्रमुख वैज्ञानिकों की सूची उनके कार्यों/योगदानों के साथ बनाइए।
गांधी जी के अनुसार धर्म का स्वरूप क्या था?
लेखक चलते-पुरज़े लोगों को यथार्थ दोष क्यों मानता है?