हिंदी

लेखिका महादेवी वर्मा के बचपन के समय लड़कियों के प्रति समाज की सोच कैसी थी? ‘मेरे बचपन के दिन पाठ’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लेखिका महादेवी वर्मा के बचपन के समय लड़कियों के प्रति समाज की सोच कैसी थी? ‘मेरे बचपन के दिन पाठ’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

लेखिका महादेवी के बचपन अर्थात् बीसवीं शताब्दी के आसपास लड़कियों के प्रति समाज की सोच अच्छी नहीं थी। लोग लड़कियों को बोझ समझकर उनसे जल्द से जल्द छुटकारा पा लेना चाहते थे। वे लड़कियों के पैदा होते ही उन्हें मार देते थे।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: मेरे बचपन के दिन - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 7 मेरे बचपन के दिन
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

संबंधित प्रश्न

उन परिस्थितियों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण टिहरी जैसा शहर माटी वाली की आजीविका कमाने की जगह बना हुआ है, ‘माटी वाली’ पाठ के आधार पर लिखिए।


लेखिका ने अपनी माँ को परीजात-सी जादुई क्यों कहा है? ससुराल में उनकी क्या स्थिति थी?


वह ऐसी कौन सी बात रही होगी जिसने लेखक को दिल्ली जाने के लिए बाध्य कर दिया?


लेखक ने बच्चन के व्यक्तित्व के किन-किन रूपों को उभारा है?


हीरा-मोती स्वभाव से विद्रोही तो हैं पर उनके मन में दयाभाव भी है। इसका प्रमाण हमें कब और कहाँ मिलता है? ‘दो बैलों की कथा’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


डाँड़े के देवता का स्थान कहाँ था? उसे किस प्रकार सजाया गया था?


तिब्बत में डाकुओं को कानून का भय क्यों नहीं है?


फ्रीडा कौन थी? उसने लॉरेंस के बारे में क्या-क्या बताया?


6 सितंबर को ‘टाइम्स’ पत्र में छपे लेख की मुख्य बातें क्या थीं?


लेखक ने सदियों से परत-दर-परत’ कहकर किस ओर इशारा किया है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×