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“माँ की आँखों में झलकती उसकी बेबसी” आँखें बहुत कुछ कहती हैं। वे तरह-तरह के भाव लिए हुए होती हैं। नीचे ऐसी कुछ आँखों का वर्णन है। इनमें से कौन-सी नज़रें तुम पहचानते हो- - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

“माँ की आँखों में झलकती उसकी बेबसी”

आँखें बहुत कुछ कहती हैं। वे तरह-तरह के भाव लिए हुए होती हैं। नीचे ऐसी कुछ आँखों का वर्णन है। इनमें से कौन-सी नज़रें तुम पहचानते हो-

  • सहमी नज़रें
  • प्यार भरी नज़रें
  • क्रोध भरी आँखें
  • उनींदी आँखें
  • शरारती आँखें
  • डरावनी आँखें।
संक्षेप में उत्तर

उत्तर

मैं इन नज़रों को पहचानता हूँ।

  • प्यार भरी नज़रें
  • क्रोध भरी आँखें
  • शरारती आँखें
  • डरावनी आँखें
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एक माँ की बेबसी
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अध्याय 9: एक माँ की बेबसी - एक माँ की बेबसी 1 [पृष्ठ ७१]

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एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 5
अध्याय 9 एक माँ की बेबसी
एक माँ की बेबसी 1 | Q 2. | पृष्ठ ७१

संबंधित प्रश्न

यह बच्चा कवि के पड़ोस में रहता था, फिर भी कविता ‘अदृश्य पड़ोस’ से शुरु होती है। इसके कई अर्थ हो सकते हैं, जैसे-

(क) कवि को मालूम नहीं था कि यह बच्चा ठीक-ठीक किस घर में रहता था।
(ख) पड़ोस में रहने वाले बाकी बच्चे एक-दूसरे से बातें करते थे, पर यह बच्चा बोल नहीं पाता था, इसलिए पड़ोसी होने के बावजूद वह दूसरे बच्चों के लिए अनजाना था।

इन दो में से कौन-सा अर्थ तुम्हें ज्यादा सही लगता है? क्या कोई और अर्थ भी हो सकता है?


नीचे लिखी भावनाएँ कब या कहाँ महसूस होती हैं?

(क) छटपटाहट

  • अधीरता – कहीं जाने की जल्दी हो और जाना संभव न हो। जैसे-स्कूल की छुट्टी में अभी काफी देर हो, पर घर पर ऐसा कोई मेहमान आने वाला हो जिसे तुम बहुत पसंद करते हो।
  • इच्छा – किसी चीज़ को पाने की इच्छा हो पर वह तुरंत न मिल सकती हो। जैसे-भूख लगी हो, पर खाना तैयार न हो।
  • संदेश – हम कोई संदेश देना चाह रहे हों पर दूसरे समझ न पा रहे हों। जैसे-शिक्षक से कहना हो कि घंटी बज गई है, अब पढ़ाना बंद करें, पर उन्हें घंटी सुनाई न दी हो।

इनमें से कौन-सा अर्थ या संदर्भ इस बच्चे पर लागू होता है?

(ख) घबराहट 

हमें जब किसी बात की आशंका हो तो घबराहट महसूस होती है। जैसे-

(क) अँधेरा होने वाला हो और हम घर से काफी दूर हों या अकेले हों।

(ख) समय कम हो और हमें कोई काम पूरा कर लेना हो-जैसे परीक्षा में देखा जाता है।

(ग) यह डर हो कि दूसरे के मन में क्या चल रहा है।

जैसे-पापा को मालूम चल गया हो कि काँच का गिलास तुमसे टूटा है।


"थोड़ा घबराते भी थे हम उससे, क्योंकि समझ नहीं पाते थे उसकी घबराहटों को"

रतन क्या सोचकर घबराता होगा?


"थोड़ा घबराते भी थे हम उससे, क्योंकि समझ नहीं पाते थे उसकी घबराहटों को"

अपने दोस्तों से पूछकर पता करो, कौन क्या सोचकर और किस काम को करने में घबराता है। कारण भी पता करो।

दोस्त/सहेली का नाम किस बात से घबराता है? घबराने का कारण
____________ ____________ ____________
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____________ ____________ ____________

कवि ने इस बच्चे को ‘टूटे खिलौने’ की तरह बताया है। जब कोई खिलौना टूट जाता है तो वह उस तरह से काम नहीं कर पाता जिस तरह से पहले करता था। संदर्भ के अनुसार खाली स्थान भरो।

खिलौना टूटने का कारण नतीजा
गाड़ी पहिया निकल जाने पर चल नहीं पाती
गुड़िया सीटी निकल जाने पर ____________
गेंद ____________ ____________
जोकर चाबी निकल जाने पर ____________

“बेबस’ शब्द ‘बे’ और ‘वश’ को जोड़कर बना है। यहाँ बे का अर्थ ‘बिना’ है। नीचे दिए शब्दों में यही ‘बे’ छिपा है। इस सूची में तुम और कितने शब्द जोड़ सकती हो?

बेजान बेचैन ______ ______
बेसहारा बेहिसाब ______ ______

इस कविता में देखने से संबंधित कई शब्द आए हैं। ऐसे छह शब्द छाँटकर लिखो। 


नीचे आँख से जुड़ा कुछ मुहावरा दिया गया हैं। तुम इनका प्रयोग किन संदर्भ में करोगे?

आँख दिखाना 


नीचे आँख से जुड़ा कुछ मुहावरा दिया गया हैं। तुम इनका प्रयोग किन संदर्भ में करोगे?

नज़रें फेर लेना


नीचे आँख से जुड़ा कुछ मुहावरा दिया गया हैं। तुम इनका प्रयोग किन संदर्भ में करोगे?

आँख पर पर्दा पड़ना


“याद आती रतन से अधिक
उसकी माँ की आँखों में झलकती उसकी बेबसी”

रतन की माँ की आँखों में किस तरह की बेबसी झलकती होगी?


अपनी माँ के बारे में सोचते हुए नीचे लिखे वाक्य को पूरा करो-

 माँ मुझे इसलिए डाँटती हैं क्योंकि ______


अपनी माँ के बारे में सोचते हुए नीचे लिखे वाक्य को पूरा करो-

 मेरी माँ चाहती है कि मैं ______


अपनी माँ के बारे में सोचते हुए नीचे लिखे वाक्य को पूरा करो-

माँ उस समय बहुत बेबस हो जाती है जब ______


अपनी माँ के बारे में सोचते हुए नीचे लिखे वाक्य को पूरा करो-

मैं चाहती/ता हूँ कि मेरी माँ ______


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