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प्रश्न
मान लीजिए, यहाँ पर क्लोरोफिल बी की उच्च सांद्रता युक्त, मगर क्लोरोफिल ए की कमी वाले पेड़ थे। क्या ये प्रकाश-संश्लेषण करते होंगे? तब पौधों में क्लोरोफिल बी क्यों होता हैं? और फिर दूसरे गौण वर्णकों की क्या जरूरत है?
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
- क्लोरोफिल ‘बी’, जैन्थोफिल तथा कैरोटिन सहायक वर्णक होते हैं। जिन पौधों में क्लोरोफिल नहीं होता है वे प्रकाश संश्लेषण नहीं कर पाते क्योंकि यह प्राथमिक वर्णक है और प्रतिक्रिया केंद्र के रूप में कार्य करता है।
- ये प्रकाश को अवशोषित करके, ऊर्जा को क्लोरोफिल ‘ए’ को स्थानान्तरित कर देते हैं। वास्तव में ये वर्णक प्रकाश संश्लेषण को प्रेरित करने वाली उपयोगी तरंगदैर्घ्य के क्षेत्र को बढ़ाने का कार्य करते हैं और क्लोरोफिल ‘ए’ को फोटो ऑक्सीडेशन से बचाते हैं।
- क्लोरोफिल ‘ए’ प्रकाश संश्लेषण में प्रयुक्त होने वाला मुख्य वर्णक है। अतः क्लोरोफिल ‘ए’ की कमी वाले पौधों में प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होगा।
- वे विभिन्न तरंग दैर्ध्य की प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करते हैं और इसलिए प्रकाश संश्लेषक वर्णक द्वारा अवशोषित प्रकाश के स्पेक्ट्रम को व्यापक बनाते हैं। ये वर्णक अवशोषित ऊर्जा को क्लोरोफिला को सौंप देते हैं।
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प्रकाश-संश्लेषण कहाँ संपन्न होता है?
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