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प्रश्न
मार्क्सवादी लेखन किसे कहते हैं?
टिप्पणी लिखिए
उत्तर
- स्वातंत्र्योत्तर काल में भारतीय इतिहास लेखन में जो नई वैचारिक धारा दिखाई देती हैं, उनमें 'मार्क्सवादी इतिहास लेखन' एक प्रमुख धारा है।
- मार्क्सवाद में वर्ग संघर्ष पर बल दिया गया है। मार्क्स के विचारों पर आधारित जो लेखन किया गया, उसे 'मार्क्सवादी इतिहास लेखन' कहते हैं।
- मार्क्सवादी इतिहास लेखन में आर्थिक व्यवस्था के उत्पादन के साधन, पद्धति तथा उत्पादन प्रक्रिया के मानव संबंधों का मुख्य रूप से विचार किया गया है।
- सामान्य लोगों पर पड़ने वाले प्रत्येक सामाजिक घटना के प्रभाव का विश्लेषण करना मार्क्सवादी लेखन का मुख्य सूत्र है।
- मार्क्सवादी इतिहासकारों ने जाति व्यवस्था हुए परिवर्तनों का अध्ययन किया। भारत में भी इस पद्धति का आधार कोसंबी, डांगे, शरद पाटिल आदि लोगो ने अपने इतिहास लेखन में प्रभावपूर्ण ढंग से लिया है।
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भारतीय इतिहास लेखन : विविध सैद्धांतिक प्रणालियाँ
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