हिंदी

मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से 

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

प्रस्तुत कहानी में यह दर्शाया गया है कि यदि हमारे मन में एकता एवं समर्पण का भाव हो, तो हम किसी भी समस्या पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.07: जहॉं चाह, वहाँ राह - मैंने समझा [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Sulabhbharati 7 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 1.07 जहॉं चाह, वहाँ राह
मैंने समझा | Q (१) | पृष्ठ २०

संबंधित प्रश्न

पानी, वाणी, दूध इन शब्‍दों का उपयोग करते हुए कोई कविता लिखो।



।। बिन माँगे मोती मिले।।


भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।

  • पुस्तकालय से
  • अंतरजाल से

यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........


विभिन्न क्षेत्रों की ‘प्रथम भारतीय महिलाओं’ की सचित्र जानकारी काॅपी में चिपकाओ।


रुपयों (नोट) पर लिखी कीमत कितनी और किन भाषाओं में अंकित है, बताओ।


अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।


‘बाघ बचाओ परियोजना’ के बारे में जानकारी प्राप्त कर लिखो।


Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×