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मैंने समझा मधुऋतु कविता से - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

मैंने समझा मधुऋतु कविता से 

दीर्घउत्तर

उत्तर

यह कविता वसंत ऋतु की सुंदरता और मिठास को दर्शाती है। इसमें बताया गया है कि खेतों में सरसों के फूल लहराते हैं, धरती वसंत के रंगों से सजती है, और चारों ओर हरियाली छा जाती है। मस्त पवन के साथ यह ऋतु उमंग और प्रेम का संदेश लाती है।

कोयल की कूक, फूलों की सुगंध और किसानों की खुशी वसंत के आगमन का प्रतीक हैं। पेड़-पौधों में नई कोपलें आती हैं, तितलियाँ उड़ती हैं, और वातावरण आनंदमय हो जाता है। इसे ऋतुराज कहा जाता है क्योंकि यह नई ऊर्जा और उत्साह से भरपूर होती है।

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अध्याय 1.2: मधुॠतु - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ४]

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बालभारती Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.2 मधुॠतु
पाठ्य प्रश्न | Q ९. | पृष्ठ ४
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