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मैंने समझा नहीं कुछ इससे बढ़कर कविता से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

मैंने समझा नहीं कुछ इससे बढ़कर कविता से 

लघु उत्तरीय

उत्तर

यह कविता त्याग, समर्पण और सृजन की महानता को दर्शाती है। इसमें माँ के निस्वार्थ प्रेम, प्रकृति के योगदान, कलाकारों के सृजन, जनसेवा, और मधुर जीवन अनुभव को श्रेष्ठ प्रार्थना बताया गया है। माँ का त्याग, धरती का पोषण, कला का सौंदर्य, सत्यनिष्ठ सेवा और प्रेम से भरा जीवन ही सच्ची प्रार्थना है। यह संदेश देती है कि प्रार्थना केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, प्रेम और सृजन में निहित होती है। सच्ची प्रार्थना वही है जो दूसरों के लिए सुख, शांति और आनंद लाए।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.9: नहीं कुछ इससे बढ़कर - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ५१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Sulabhbharati 8 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 2.9 नहीं कुछ इससे बढ़कर
उपयोजित लेखन | Q (२) | पृष्ठ ५१

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मैंने समझा गाँव-शहर कविता से 


संदर्भ स्रोतों द्‌वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :

रोग टीका रोग टीका
तपेदिक(टीबी)  बी.सी.जी टायफॉइड (मोतीझरा) ______
डिप्थीरिया ______ रुबेला ______
खसरा ______ हैपेटाइटिस ए ______
रोटावायरस ______ टिटनस ______

पूरी वर्णमाला क्रम से पढ़ो:

क्ष श य प त ट च क ए अ ञ ष र फ

थ ठ छ ख ऐ आ ज्ञ स ल ब घ ढ़ ई ॠ

द ड ज ग ओ इ श्र ह व भ ध ढ झ ऑ

ळ म न ण त्र ङ अं उ ड़ अः ऊ अँ औ


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


यदि समय का चक्र रुक जाए तो ......


यदि तुम्हें अलादीन का चिराग मिल जाए तो...


प्रत्येक का अपना-अपना महत्त्व होता है।


यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...


नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


घर में अतिथि के आगमन पर आपको कैसा लगता है, बताइए।


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