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प्रश्न
मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम के पीछे प्राथमिक विचार कया हैं? उपयुक्त उदाहरणों की सहायता से व्याख्या कीजिए।
उत्तर
मानव अभिप्रेरणा के संबंध में विभिन्न मत हैं। इनमें से सर्वाधिक लोकप्रिय सिद्धांत अब्राहम एच. मैस्लो (Abraham H. Maslow, 1968 - 1970) द्वारा दिया गया है। उन्होंने मानव व्यवहार को प्रकट करने के लिए आवश्यकताओं को एक पदानुक्रम में व्यवस्थित किया है। उनके सिद्धांत को "आत्म-सिद्धि" का सिद्धांत कहते हैं और यह सिद्धांत अपने सैद्धांतिक एवं अनुप्रयुक्त मूल्यों के कारण अत्यंत लोकप्रिय है।
मैस्लो का मॉडल एक पिरामिड के रूप में संप्रत्ययित किया जा सकता है, जिसमें पदानुक्रम के तल में मूल शरीर क्रियात्मक या जैविक आवश्यकताएँ हैं जो कि जीवन-निर्वाह के लिए
मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम
आवश्यक हैं जैसे- भूख, प्यास इत्यादि। जब इन आवश्यकताओं की पूर्ति हो जाती है तभी व्यक्ति में खतरे से सुरक्षा की आवश्यकता उत्पन होती है। इसका आशय भौतिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रकार के खतरों से सुरक्षा का है। इसके पश्चात् दूसरों का उनसे प्रेम करना तथा उनका प्रेम प्राप्त करना आता है। यदि हम इस आवश्यकता को पूर्ण करने में सफल हो जाते हैं तब हम स्वयं आत्म-सम्मान तथा दूसरों से सम्मान प्राप्त करने की दिशा में बढ़ते हैं। पदानुक्रम में इससे ऊपर आत्म-सिद्धि की आवश्यकता होती है, जो एक व्यक्ति की अपनी सम्भाव्यताओं को पूर्ण रूप से विकसित करने के अभिप्रेरण में परिलक्षित होती है। आत्म-सिद्ध व्यक्ति आत्म-जागरूक, समाज के प्रति अनुक्रियाशील, सर्जनात्मक, स्वतः स्फूर्त तथा नवीनता एवं चुनौती के प्रति मुक्त होता है। ऐसे व्यक्ति में हास्य भावना होती है तथा गहरे अंतवैयक्तिक संबंध बनाने की क्षमता होती है।
पदानुक्रम में निम्न स्तर की आवश्यकताएँ (शरीर क्रियात्मक) जब तक संतुष्ट नहीं हो जाती तब तक प्रभावी बनी रहती हैं। एक बार जब वे पर्याप्त रूप से संतुष्ट हो जाती हैं तब उच्च स्तर की आवश्यकताएँ व्यक्ति के ध्यान एवं प्रयासों में केन्द्रित हो जाती हैं। यह उल्लेखनीय है कि अधिकांश व्यक्ति निम्न स्तर की आवश्यकताओं के लिए अत्यधिक सरोकार होने के कारण सर्वोच्च स्तर तक पहुँच ही नहीं पाते।