हिंदी

मनुष्य के अत्याचार से क्रोधित प्रकृति किस तरह अपना भयंकर रूप दिखाती है? - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मनुष्य के अत्याचार से क्रोधित प्रकृति किस तरह अपना भयंकर रूप दिखाती है?

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

मनुष्य अपनी लालच और स्वार्थ को पूरा करने के लिए वनों का विनाश करता है, नदियों का वेग रोकता है, समुद्र के किनारे पर कब्जा करके उसे पीछे ढकेलता है। पहले तो प्रकृति मनुष्य के अत्याचार को सहती है पर सीमा पार होने पर वह अपना भयंकर रूप अत्यधिक गरमी, बेवक्त की बरसातें, आधियाँ, तूफ़ान, बाढ़ और नए-नए रोगों के रूप में दिखाती है, जिससे जनधन की अपार हानि होती है।

shaalaa.com
अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.6: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 2.6 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए 
कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए -
अरब में लशकर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए -
प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए -
लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
‘मट्टी से मट्टी मिले,
खो के सभी निशान,
किसमें कितना कौन है,
कैसे हो पहचान’
इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।


पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।


किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब अपने मनोरंजन के लिए मानव द्वारा पशु-पक्षियों का उपयोग किया गया हो।


दुनिया के बारे में लेखक और आज के मनुष्य के विचारों में क्या अंतर है?


बिल्डरों द्वारा समुद्र को पीछे ढकेलने से समुद्र को क्या परेशानी हुई ?


लेखक की माँ उसे प्रकृति संबंधी उपदेश क्यों दिया करती थी?


मनुष्य के हस्तक्षेप से गुस्साए समुद्र ने अपना गुस्सा किस तरह प्रकट किया?


'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के लेखक की माँ उन्हें क्या करने के लिए प्रेरित करती थी?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति का नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है। प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ में ऐसे अनेक लोगों का उल्लेख है, जो जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील थे। आपकों उनमें से सबसे अच्छा कौन लगा? कारण सहित लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए कि पहले और अब के संसार में जीवन शैली में क्या अंतर आ गया है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×