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मेघों के लिए 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात क्यों कही गई है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

मेघों के लिए 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात क्यों कही गई है?

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उत्तर

बहुत दिनों तक न आने के कारण गाँव में मेघ की प्रतीक्षा की जाती है। जिस प्रकार मेहमान (दामाद) बहुत दिनों बाद आते हैं, उसी प्रकार मेघ भी बहुत समय बाद आए हैं। अतिथि जब घर आते हैं तो सम्भवत: उनके देर होने का कारण उनका बन-ठन कर आना ही होता है। कवि ने मेघों में सजीवता डालने के लिए मेघों के 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात कही है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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अध्याय 15: मेघ आए - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १२८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 15 मेघ आए
प्रश्न अभ्यास | Q 6 | पृष्ठ १२८

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