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प्रश्न
- मेज पर एक बड़ा सफेद कागज चिपकाओ।
- मेज के सामनेवाली दिशा में टॉर्च रखें और इसे स्थिर रखें।
- कागज और टॉर्च के बीच में मेज पर मोमबत्ती या मोटा रूल खड़ा करें।
- टॉर्च का प्रकाश मोमबत्ती/रूल पर इस प्रकार फेंकें कि उसकी छाया कागज पर पड़ सके।
- मोमबत्ती अथवा रुल की छाया कागज पर जिसस्थान पर पड़ेगी; वहाँ पेन से चिहन बनाओ।
- अब कागज, मोमबत्ती/रूल के साथ मेज को धीरे-धीरे दूसरी ओर सरकाओ।
- कागज पर पड़ने वाली छाया का निरीक्षण करें और उसके स्थान में होने वाले परिवर्तनों को अंकित करो।
लघु उत्तरीय
उत्तर
छाया और प्रकाश का विश्लेषण (संक्षेप में):
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छाया का निर्माण: टॉर्च की रोशनी किसी वस्तु (मोमबत्ती/रूल) पर पड़ने से प्रकाश के मार्ग में रुकावट होती है, जिससे छाया बनती है।
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छाया का स्थान: कागज, टॉर्च, या वस्तु की स्थिति बदलने पर छाया का स्थान भी बदलता है।
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छाया का आकार:दूरी कम होने पर छाया बड़ी और धुंधली होती है। दूरी अधिक होने पर छाया छोटी और स्पष्ट होती है।
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छाया का दिशा परिवर्तन: कागज या टॉर्च को खिसकाने से छाया भी उसी दिशा में खिसकती है।
छाया का निर्माण प्रकाश के मार्ग में अवरोध से होता है। इसका स्थान, आकार, और दिशा प्रकाश स्रोत, वस्तु, और सतह की स्थिति पर निर्भर करते हैं। प्रकाश हमेशा सीधी रेखा में चलता है।
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