हिंदी

मेंडल के प्रयोगों द्वारा कैसे पता चला कि लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मेंडल के प्रयोगों द्वारा कैसे पता चला कि लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं?

टिप्पणी लिखिए

उत्तर १

मेंडल ने जब दो विरोध लक्षण वाले पौधों के बीच संकरण कराया तो उन्होंने पाया की उत्पन्न नई पीढ़ी (F1, पीढ़ी) में विरोध लक्षणों में से केवल एक लक्षण ही परिलक्षित होता है और दूसरा दिखाई नहीं देता है परंतु दूसरी पीढ़ी (F2, पीढ़ी) में दोनों लक्षण शुद्ध रूप में और मिश्रित रूप में भी दिखाई देते हैं इससे मेंडल ने यह निष्कर्ष निकाला कि पहली पीढ़ी में दोनों लक्षण थे परंतु इन लक्षणों में से केवल एक परिलक्षित लक्षण ही प्रभावी और दूसरा लक्षण अप्रभावी था।

shaalaa.com

उत्तर २

मेंडल ने शुद्ध लंबी मटर के पौधों को शुद्ध बौने मटर के पौधों के साथ संकरण किया और पाया कि पहली पीढ़ी में केवल लंबे मटर के पौधे उत्पन्न हुए, और कोई बौने मटर के पौधे नहीं थे। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि पहली पीढ़ी में केवल एक माता-पिता के पौधे की विशेषता, लंबाई, प्रकट हुई। दूसरे माता-पिता के पौधे की बौनेपन की विशेषता पहली पीढ़ी की संतानों में नहीं दिखाई दी।

इसके बाद मेंडल ने पहली पीढ़ी (F1 पीढ़ी) में प्राप्त लंबे मटर के पौधों का परस्पर संकरण किया और पाया कि दूसरी पीढ़ी (F2 पीढ़ी) में लंबे और बौने पौधे 3:1 के अनुपात में प्राप्त हुए। मेंडल ने देखा कि माता-पिता के बौने मटर के पौधों की जो विशेषता पहली पीढ़ी की संतानों में गायब हो गई थी, वह दूसरी पीढ़ी में फिर से दिखाई दी। इस प्रकार, मेंडल के लंबे और बौने मटर के पौधों पर किए गए प्रयोगों से यह साबित हुआ कि गुण प्रभावी और अप्रभावी हो सकते हैं।

shaalaa.com
आनुवंशिकता
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: अनुवांशिकता एवं जैव विकास - प्रश्न 2 [पृष्ठ १६१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 10
अध्याय 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास
प्रश्न 2 | Q 1. | पृष्ठ १६१

संबंधित प्रश्न

मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है?


संतति में नर एवं मादा जनकों द्वारा आनुवंशिक योगदान में बराबर की भागीदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जाती है?


मटर के एक लंबे पौधे (TT) और एक बौने पौधे के बीच संकरण कराए जाने पर जो संतति उत्पन्न हुई उसके सभी पौधे लंबे थे क्योंकि : ______ 


यदि मटर के एक गोल तथा हरे रंग के बीज वाले पौधे (RRyy) और झुर्रीदार तथा पौले रंग के बीज वाले पौधे (Im YY) में संकरण कराया जाए तो F के बीज कैसे होंगे?


नयी स्पीशीज का निर्माण हो सकता है जब

  1. जनन कोशिकाओं के DNA में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं
  2. युग्मक के गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन आ जाता है।
  3. आनुवंशिक पदार्थ में कोई परिवर्तन नहीं होता
  4. जनकों में परस्पर मैथुन नहीं होता

मटर के दो पौधों सेजिनमें एक गोल और हरे बौज वाला (RRyy) था और दूसरा झुर्रीदार और पीले बीज वाला (rrYY) था. जब F पीढ़ी उत्पन्न हुई, तब उसके बीज गोल और पीले रंग के बने। F पीढ़ी के पौधों के बीच बनेगें। स्वसंकरण कराए जाने पर F, पीढ़ी के पौधों के बीजों में लक्षणों के कुछ नए समुच्चय बने। निम्नलिखित में से नए समुच्चयों को चुनिए।

  1. गोल, पीले
  2. गोल, हरे
  3. झुर्रीदार, पीले
  4. झुर्रीदार, हरे

मानव के युग्मनज में लिंग गुणसूत्रों के युग्म/युग्मों की संख्या कितनी होती है? के


प्राकृतिक चयन द्वारा स्पीशीजों का विकास सिद्धांत किसने दिया था?


क्या माँ का आनुवंशिक संयोजन की हाल ही जन्मे बच्चे के लिंग निर्धारण में कोई महत्वपूर्ण भूमिका होती है?


पृथ्वी पर क्या जंतुओं की विविधता से उनकी विविध वंश परंपरा का संकेत मिलता है। विकास के संदर्भ में इस बात की चर्चा कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×